अरैल में 29 फरवरी से होने जा रही संत मोरारी बापू की रामकथा में आस्था संग कला-संस्कृति का अनूठा संगम दिखेगा। बापू राम कथा की गंगाधार बहाएंगे तो कवि कुमार विश्वास समेत कई कलाकारों की प्रस्तुतियां यादगार बनेंगी। संत-भक्त निवास की दीवारों पर प्रयागराज के ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों के चित्र उकेरकर शहर की सांस्कृतिक धरोहर से रामकथा प्रेमियों को परिचित कराया जाएगा।
संगम तट पर नौ दिवसीय अक्षयवट पर आधारित रामकथा की तैयारी अंतिम दौर में है। संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से होने वाी इस रामकथा में ख्यातिनाम कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। दिन में बापू मानस अक्षयवट कथा सुनाएंगे और शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रहेगी। कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास,बुद्धि प्रकाश दधीचि, गौरी मिश्रा और किरण जोशी का काव्यपाठ होगा। जबकि अदिति मंगलदास और समूह का कथकनृत्य भी कथा के बीच लय-ताल पर थिरकन से चार चांद लगाएगा।
बलविंदर सिंह बल्लू बांसुरी वादन पेश करेंगे। कथास्थल की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन अमेटा बताते हैं कि आस्था, कला, संस्कृति, संगीत का यह उत्सव प्रयागराज में अपनी अलग ही छाप छोडे़गा । मां यमुना के किनारे अक्षयवट के सामने यमुना पार स्थित अरैल में कथा होगी। 11 लाख स्क्वायर फीट एरिया में कथा स्थल बनकर तैयार हो गया है। व्यासपीठ पर अकबर के किले के साथ अक्षयवट की अनुकृति भी उकेरी जा चुकी है।
यमुना में लाया गया मोरारी बापू का बजड़ा
प्रयागराज। कथा के दौरान मोरारी बापू के रात्रि प्रवास के लिए बजड़ा सोमवार को प्रयागराज लाया गया। 15 सदस्यीय कारीगरों का दल इसे सजाने-संवारने में जुटा है। इसमें बांस व फूस के इस्तेमाल से शयन कक्ष, बैठक, साधना कक्ष, भोजन कक्ष की सुविधा रहेगी। मोरारी बापू बजड़े से ही प्रतिदिन कथा स्थल तक जाएंगे।
डीएम ने किया कथा स्थल का निरीक्षण
प्रयागराज। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने सोमवार को अरैल में संत मोरारी बापू के कथा स्थ का निरीक्षण किया। इस दौरान बापू ने भीड़ प्रबंधन के अलावा भंडार, स्वच्छता व बिजली, पानी की उपलब्धता की भी जानकारी दी। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के साथ उन्होंने कथा स्थल का जायजा लिया। इसके बाद एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र ने भी कथा स्थल का दौरा किया