इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद संभल के गांव बेहटा जय सिंह की निवासी सूरजमुखी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है और इन्हें व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही छह सप्ताह के भीतर दो प्रतिभूतियां जमि करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची गवाहों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगी, न ही मुकदमे की कार्यवाही में अवरोध उत्पन्न करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति उमेश कुमार ने दिया है। याची पर आरोप है कि उसने 2003 में मानसिंह के निधन के बाद 18 अक्टूबर 2006 को उनकी एक फर्जी वसीयत बनवाई और चंदौसी तहसील में 30 जनवरी 2015 को वरासत दर्ज करने की अर्जी दी। तहसीलदार ने अर्जी स्वीकार कर ली और वरासत दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके खिलाफ एसडीएम के समक्ष दाखिल अपील भी खारिज हो गई। घटना के 12 वर्ष बाद मान सिंह के वारिसों की तरफ से कोर्ट के आदेश से एफआईआर दर्ज कराई गयी। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में याची को गिरफ्तार कर लिया। 19 अक्टूबर 2015 से याची जेल में है। कोर्ट ने कहा सिविल विवाद के चलते यह आपराधिक मुकदमा कायम किया गया है। ऐसे में याची को सशर्त जमानत पर रिहा किया जाए। इन दिनों लॉक डाउन के कारण हाईकोर्ट बंद है मगर, लघु अपराधों में जमानत और अन्य अति आवश्यक मामलों की सुनवाई ऑनलाइन हो रही है। इसमें वकीलों को ईमेल से अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।