रजिस्ट्री कार्यालय में हाईटेक सिस्टम ध्वस्त हो गया। फर्जी बेटी ने नकली पिता को खड़ा कर 15 बीघे जमीन दानपत्र पर बैनामा करा लिया। किसान को जानकारी हुई तो उसके पैर तले जमीन खिसक गई। शनिवार को रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचकर किसान ने हंगामा काटा। उसने कहा कि जमीन मेरे नाम से वापस की जाए, नहीं तो वह आत्महत्या कर लेगा। एसडीएम मेजा ने मामले में जांच बैठा दी है।
मेजा तहसील के गड़ेरिया निवासी बाबूलाल प्रजापति की गांव में 15 बीघे जमीन थी। आरोप है कि बीते तीन दिसंबर को फर्जी तरीके से एक व्यक्ति बाबूलाल प्रजापति बनकर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा। फर्जी किसान ने 15 बीघे जमीन रीवा जिले के त्योथर निवासी लक्ष्मी के नाम से दानपत्र पर बैनामा कर दिया। आरोप है कि लक्ष्मी देवी ने अपने को बाबूलाल की बेटी बताकर बैनामा कराया।
आरोप है कि 25 नवंबर 2024 को एक जमीन के बैनामे में लगाए गए बाबूलाल प्रजापति के दस्तावेज का प्रयोग कर यह जालसाजी की गई है। बाबूलाल का आरोप है कि रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी बैनामा किया गया है। शिकायत पर उप जिलाधिकारी दशरथ कुमार ने मामले में जांच बैठा दी है। किसान ने कहा कि अगर जमीन वापस मेरे नाम नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा।
जिस दिन यह दानपत्र पर बैनामा हुआ था उस दिन मैं अवकाश पर था। उस दिन की जिम्मेदारी लिपिक ईश्वरदीन प्रजापति के हाथों थी। किसान बाबूलाल प्रजापति ने यह जानकारी दी है। जांच में इस मामले में शामिल सभी लोग पकड़े जाएंगे और कार्रवाई होगी। - बृजेश श्रीवास्तव, उप निबंधन अधिकारी मेजा।