इलाहाबाद। दुर्गा पूजा उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को महाषष्टी की पूजा हुई। पूजा पंडालों में ढोल - ताशे, घंटा-घड़ियाल और शंख ध्वनि के बीच महिषासुर मर्दिनी का आमंत्रण किया गया और अधिवास के लिए प्रार्थना की गई। पंचमी को पूजा पंडालों में भले ही देवी प्रतिमाएं आ गईं थी पर महाषष्टी को पूजन-अर्चन से पंडाल जाग्रत हुए। पूजा-अर्चना करने के लिए लोगों का तांता लगा। पंडालों में उल्लास का माहौल है।
सुबह शुभ मुहूर्त में पुरोहितों की देखरेख में महाषष्ठी पूजा के बाद शाम को केला के पौधे और जोड़ा बेल के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आमंत्रण, अधिवास पूजन हुआ। इसके तहत प्रेम एवं श्रद्धापूर्वक देवी का आह्वान करके उनसे रुकने के लिए प्रार्थना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित किया गया। पूजा पंडालों में देवी दर्शन करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
दरभंगा कालोनी बारवारी, करेलाबाग बारवारी, अतरसुइया दुर्गापूजा बारवारी, लूकरगंज बारवारी, नेतानगर कीडगंज, जार्जटाऊन बारवारी, सार्वजनिन पूजा कमेटी कालिंदीपुरम, रामानंद नगर बी.एच.एस. दुर्गा पूजा कमेटी भारद्वाज पुरम, सुलेम सराय सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी, बाई का बाग , प्रीतम नगर सुलेमसराय, शास्त्रीनगर, टैगोरटाउन बारबारी, साउथ मलाका, शाहगंज आदि पूजा पंडालों में महाषष्टी पूजन, आमंत्रण अधिवास, महिषासुरमर्दिनी चंडी पाठ हुआ। पूजन के लिए कोलकाता, मुर्शिदाबाद से पुरोहित बुलाए गए हैं। पूजा पंडालों के आसपास लगे चाट के ठेलों में भीड़ लगी रही।
संतान की सलामती को रखा व्रत
बंगाली समाज की महिलाओं ने महाषष्टी का व्रत संतान की मंगलकामना के निमित्त रखा। विधिविधान से देवी की आराधना पूजा, आरती के साथ बच्चों के कल्याण को आशीष मांगा। करेलाबाग बारवारी के अध्यक्ष ज्योतिर्मय घोष बताते हैं कि इन दिनों घरों में भी खास पूजा की जाती है।