सुमन कुमार लिखित और प्रवीण शेखर निर्देशित ‘समझौता’ नाटक का मंचन शुक्रवार को सांस्कृतिक केंद्र में किया गया। नाटक में आम इंसान की चुनौतियों, उसकी करुण चीख को बेधक शैली, शिल्प और संवाद को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक में अफसरशाही के लूपहोल में फंसते-उफनाते आदमी और उसके बचने की कोशिश में कदम-दर-कदम किए जाते समझौतों को एक अलहदा लहजे में सामने रखा गया। दिखाया गया कि सर्कस दरअसल असल जिंदगी में भ्रष्ट सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था की निर्मम मशीनरी का एक चेहरा है, जिसमें हर इंसान अलग मंसूबों के साथ घुसता है।
बुरे से बुरे सपने की कल्पना करके घुसता है मगर इस सर्कस के अंदर का सच, सर्कस के बाहर से दिखते सच से अलग, कहीं ज्यादा निर्मम होता है। नाटक के माध्यम से यह सवाल बखूबी उठाया गया कि कहीं समझौता हमारी आदतों से होता हुआ हमारी फितरत तो नहीं बन गया। नाटक में अपने अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वालों में सतीश तिवारी, संदीप यादव, सिद्धार्थ पाल, सौरभ पांडेय गोंड, सुनील कुमार, अजय तंवर, हर्षित गुप्ता, चंकी बच्चन आदि रहे। संगीत-ध्वनि रचना अमर सिंह, प्रियंका चौहान और प्रकाश परिकल्पना टोनी सिंह का रहा।