दो जुलाई को पारुल ने बिशप मॉरिस एडगर दान, एलन दान, विनीता इसुबियस, संजीत पाल, विशाल एन सिंह, आरके सिंह, अरुण मोजेज, तनु व्यास, अभिषेक व्यास और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, धमकी, बदसलूकी का आरोप लगा कर्नलगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिशप जॉनसन गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य की कुर्सी पर कब्जे को लेकर हंगामे की जांच पुलिस उपायुक्त की निगरानी में दो माह में पूरी करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की अदालत ने तत्कालीन प्रधानाचार्य पारुल सोलोमन की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
दो जुलाई को पारुल ने बिशप मॉरिस एडगर दान, एलन दान, विनीता इसुबियस, संजीत पाल, विशाल एन सिंह, आरके सिंह, अरुण मोजेज, तनु व्यास, अभिषेक व्यास और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, धमकी, बदसलूकी का आरोप लगा कर्नलगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना का विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
पांच माह बाद भी विवेचना की सुस्त रफ्तार और निष्पक्ष विवेचना पर सवाल उठाते हुए याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दलील दी कि पुलिस मामले की विवेचना में जानबूझकर देरी कर रही है। मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष विवेचना नहीं की जा रही है।