जिले के प्रभारी एवं सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को सर्किट हाउस में विकास परियोजनाओं एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान लोक निर्माण, सेतु निगम तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी तरह के विकास कार्य समय से पूरा करने को कहा।
मंत्री ने गुणवत्ता से भी किसी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी, साथ ही निर्देश दिया कि निर्माण परियोजनाओं में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संचयन, पौधरोपण एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यों के प्रति गंभीरता दिखाने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पांच फीट के पौधे रोपे जाएं। पौधरोपण की अभी से तैयारी की जाए। उन्होंने तालाबों की सफाई कराके पानी भरवाने के निर्देश दिए।
नालों की सफाई एवं बाढ़ से निपटने के लिए सात जून तक योजना बनाने को भी कहा। मंत्री ने पीएम सूर्यघर योजना, आंधी-तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोलों, तारों ठीक कराने, मनरेगा, आवास, जल जीवन मिशन, 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा आदि योजनाओं की समीक्षा की एवं निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि मनरेगा के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सचिव, प्रधान एवं एडीओ पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मंत्री ने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान टैंकर से होने वाली जलापूर्ति की जानकारी ली।
जिला विकास अधिकारी ने बताया, पांच ब्लाॅकों के 29 मजरों में टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री ने इन गांवों का निरीक्षण करने तथा वहां पर पेयजल परियोजना के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर अमल किया जाएगा। उन्होंने मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भी आश्वासन दिया। बैठक में सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, विधायक गुरु प्रसाद मौर्या, दीपक पटेल, राजमणि कोल, डॉ.वाचस्पति, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।