क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के पास कुछ दिन पहले सिविल लाइंस स्थित एक सरकारी दफ्तर में काम करने वाले एक शख्स ने शिकायत की। उसने बताया कि कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज आया कि उनके परिवार की एक लड़की का नाम और फोटो एडल्ट साइट की एस्कार्ट सर्विस में डाल दिया गया है। अगर उन्होंने आनलाइन पैसों की पेमेंट कर दिया तो साइट से फोटो हटा दिए जाएंगे। नहीं तो लड़की की फोटो के साथ उसका मोबाइल नंबर भी एडल्ट साइट पर डाल दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारी के होश उड़ गए थे।
उन्होंने पहले पुलिस से संपर्क किया फिर क्राइम ब्रांच के पास पहुंचे। यहां पता चला कि उनकी तरह कई और शहरियों ने एडल्ट वेबसाइट की शिकायत की है। उनकी भी निजी जानकारियां और डेटा चुराकर ब्लैकमेल किया जा रहा है।
इस तरह की जब कई शिकायतें आईं तो पुलिस ने जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच ने एडल्ट साइट को पूरी जानकारी देते हुए मेल किया तो साइट से फोटोग्राफ हटा ली गई लेकिन एप पर फोटो तथा अन्य जानकारियां किसने डाली थीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विदेशी एप होने के कारण पुलिस बहुत कुछ करने की स्थिति में नहीं होती। हालांकि एप को जितनी बार मेल किया गया, वहां से तुरंत फोटोग्राफ तथा अन्य जानकारियां डिलीट कर दी गईं।
छोटी रकम मांगते हैं, इसलिए तमाम लोगों ने चुपचाप दे दिए पैसे
एडल्ट साइट पर ब्लैकमेल करने वाले पहले पांच से दस हजार रुपये ही मांगते हैं, इस कारण ब्लैकमेलिंग का शिकार तमाम लोगों ने चुपचाप पैसे दे दिए लेकिन जल्द ही उन्हें दोबारा फिर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने जांच की तो पता चला जिन एकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, वे बंद कर दिए गए थे।
- एक विदेशी डेटिंग एप के माध्यम से कई लोगों के ब्लैकमेल होने की सूचना पुलिस ने जांच शुरू की। एप से संपर्क किया गया तो वहां से आपत्तिजनक फोटो तथा अन्य निजी जानकारियों को डिलीट किया गया। पुलिस की जांच चल रही है। जल्द ही और कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष मिश्रा, एसपी क्राइम