प्रयागराज। सेंट मैरी कान्वेंट प्रबंधन की ओर से कोरोना महामारी के प्रकोप और लॉकडाउन के बीच अपने पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं के निकाले जाने का मामला मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। एसएमसी प्रबंधन की मनमानी के शिकार शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के पास अपनी शिकायत पहुंचाई है। यह शिकायत शिक्षक नेता डॉ. शैलेश कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को ट्विट करके दी थी। ट्विटर पर शिकायत के बाद उपमुख्यमंत्री के कार्यालय से फोन करके इन शिक्षकों से उनकी शिकायत मांगी गई।
निकाले गए शिक्षकों का कहना है कि मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद अब उनके अंदर उम्मीद जगी है कि उनके साथ न्याय होगा। अमर उजाला की ओर से शिक्षक-शिक्षिकाओं के निकाले जाने का मामला बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद भाजपा काशी क्षेत्र शिक्षक प्रकोष्ठ के सह संयोजक डॉ. शैलेश कुमार पांडेय इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से ट्विटर पर की थी। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने मामले को संज्ञान में लिया। शिक्षक नेता डॉ. शैलेश कुमार पांडेय ने स्कूल की मान्यता निरस्त कर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है। शिक्षक नेता ने चेताया कि यदि एसएमसी प्रबंधन शिक्षकों की तत्काल वापसी नहीं करता है तो कानूनी कार्रवाई के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।