फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई बार हुई शिकायत, नहीं जागी पुलिस

विज्ञापन
Complaint many times, police did not wake up - फोटो : CITY DESK
विज्ञापन
प्रयागराज। चौफटका में दोहरे हत्याकांड की वजह पुलिस की लापरवाही भी रही। कम से कम मोहल्ले के लोगों ने तो यही आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे अफसरों से कहा कि दर्जनों बार शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह भी पुलिस पहुंची थी लेकिन कार्रवाई की बजाय आरोपियों का ही पक्ष लेते हुए मोहल्ले के ही लोगों को डांट-डपटकर शांत कराकर लौट गई थी।
विज्ञापन

घटना के बाद मौके पर पहुंची धूमनगंज पुलिस को देखकर ही मृतकों के परिजन व मोहल्ले के लोग आक्रोशित हो उठे। उनका कहना था कि पुलिस की वजह से ही दो निर्दोषों की जान चली गई। बताया कि बहुत पहले से मोहल्ले के लोग आने-जाने के लिए इस तीन फीट के रास्ते का इस्तेमाल करते थे। लेकिन दबंगई के बल पर बलवंत व उसके परिवावाले रास्ते पर कब्जा करने की कोशिश में लगे हुए थे। इसे लेकर दर्जनों बार शिकायत की गई लेकिनि धूमनगंज पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला राजस्व अधिकारियों तक भी पहुंचा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले भी दीवार बनाने की कोशिश की गई जिसे मोहल्ले के लोगों ने विरोध कर रुकवा दिया था।
चूंकि लालू विरोध में सबसे आगे रहता था, इसलिए आरोपियों की आंख में वह सबसे ज्यादा खटकता था। मृतकों के परिजनोें ने बताया कि तीन दिन पहले एक बार फिर बलवंत व उसके परिवारवालों ने दीवार का निर्माण शुरू किया जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर थाने में दोनों पक्षों को बुलवाया गया। तीन दिन तक पंचायत चलती रही लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर आरेापियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि उनका दुस्साहस बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने बेरहमी से दो निर्दोषों को मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन

सुबह भी पहुंचा था दरोगा, आरोपियों का ही लेता रहा पक्ष
मौके पर जुटे लोगों ने बताया कि सुबह एक बार फिर आरेपियों ने दीवार का निर्माण शुरू किया तो पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर धूमनगंज थाना एसएसआई तेजबहादुर सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचे। हालांकि आरोप है कि निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय वह मोहल्ले के ही लोगों को डांटता-डपटता रहा। उसकी शह पर आरोपियों ने विरोध कर रहे मोहल्ले के लोगों को पुलिस के सामने ही धमकाया भी था। हालांकि किसी ने नहीं सोचा था कि हमलावरों के मन में इतनी बड़ी साजिश चल रही है।
जानकारी के बाद भी इंस्पेक्टर चले गए छुट्टी पर
सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी धूमनगंज इंस्पेक्टर विजय सिंह को भी थी। उनके ही सामने दो दिनों तक थाने में मोहल्ले के लोगों और दूसरे पक्ष के बीच पंचायत हुई। मामला बेहद गंभीर था और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्होंने इंस्पेक्टर को बताया भी था कि आरोपी पक्ष बड़ी वारदात अंजाम दे सकता है। इसके बावजूद इंस्पेक्टर छुट्टी पर चले गए। यही नहीं उन्होंने थाने में तैनात सेकंड इंस्पेक्टर की बजाय एसएसआई को चार्ज दे दिया।
डायल 100 को भी खदेड़ लिया था
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस वक्त लालू व अजीत पर हमला हुआ, पेट्रोल पंप से कुछ दूर पर ही डायल 100 की एक गाड़ी खड़ी थी। चीखपुकार व फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी आगे भी बढ़े लेकिन 20-25 की संख्या में मौजूद हमलावर चापड़-कुल्हाड़ी लेकर उनकी तरफ भी बढ़ने लगे। जिसके बाद पुलिसकर्मी पीछे हट गए। और फिर कुछ दूर जाकर कंट्रोल रूम को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें