एक साथ दो बड़ी भर्ती परीक्षाएं पड़ने से अभ्यर्थियों की मुसीबत बढ़ गई है। इसकी वजह से उन्हें एक अवसर से तो वंचित होना ही पड़ेगा, उनकी फजीहत भी बढ़ने जा रही है। दोनों परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने की वजह से शहर के बाहर भी परीक्षा केंद्र बनाया जाना तय है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए केंद्र तक पहुंचना ही मुश्किलों भरा होगा। अभी तक प्रवेश पत्र जारी नहीं होने तथा परीक्षा केंद्र एलाट करने की नई नीति की वजह से अभ्यर्थियों की समस्या और बढ़ गई है। कोई एक परीक्षा टालने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने कोर्ट जाने की भी घोषणा की है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा 25 जनवरी को होगी। राजस्व निरीक्षक परीक्षा में साढ़े छह लाख से अधिक तथा टीजीटी के लिए तकरीबन पांच लाख आवेदन पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दोनों भर्तियों के लिए आवेदन किया है। इस तरह से इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की एक दिन परीक्षा होने की वजह से शहर में स्कूल नहीं मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में दूर-दराज के क्षेत्राें में भी केंद्र बनाए जाएंगे।
इसके विरोध में अभ्यर्थियों ने कोर्ट जाने की तैयारी की है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की मंगलवार को हुई बैठक में प्रतियोगियों का कहना था कि परीक्षा टाले जाने की मांग का ज्ञापन दोनों संस्थाओं को दिया गया लेकिन कोई भी संस्था तिथि आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में प्रतियोगियों को एक परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। उन्होंने इसके खिलाफ कोर्ट में जाने के साथ आंदोलन की भी घोषणा की। बैठक में अवनीश पांडेय, नीतिन पटेल, नवीन तिवारी, चैतन्य, उत्पल पारासर आदि मौजूद रहे।