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रुपये के लेनदेन में हुई थी प्रतियोगी छात्र की हत्या

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Competitive student was killed in a transaction of Rs.
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प्रयागराज। नवाबगंज के सारी तारा कस्तूरीपुर गांव निवासी प्रतियोगी छात्र भास्कर सरोज (24) की हत्या रुपये के लेनदेन में हुई थी। पुलिस का दावा है कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लिए थे और अब वापस देने में आनाकानी कर रहा था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में शामिल चार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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27 मार्च को भाष्कर का शव घर से 10 किमी दूर स्थित सोरांव थाना क्षेत्र के सरायखातून गांव में मिला था। तीन घंटे पहले वह राजमिस्त्री खोजने के लिए घर से निकला था और फिर नहीं लौटा। घटनास्थल से कुछ दूर पर उसकी बाइक व बैग भी पड़ा मिला था।
मृतक के बैग में कई लोगों की मार्कशीट व सर्टिफिकेट मिले थे।। इसमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट से लेकर स्नातक तक के शैक्षिक प्रमाणपत्र थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मृतक ने नौकरी लगवाने के नाम पर कुछ लोगों से रुपये ले रखे थे। नौकरी न मिलने पर वह रुपये वापस मांग रहे थे, जिन्हें लौटाने में वह आनाकानी कर रहा था। इसी विवाद में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि हत्या में मुख्य अभियुक्त अर्जुन पटेल है जो नवाबगंज के देवापुर गांव का रहने वाला है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की गई है। अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
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मार्केट से बुलाकर ले गया था साथ
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी अर्जुन ने बताया है कि भाष्कर ने उसके दोस्त उमेश से नौकरी के लिए 40 हजार रुपये लिए थे। नौकरी न मिलने पर बार-बार कहने के बावजूद वह रुपये वापस नहीं कर रहा था। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ था। इसी को लेकर प्लानिंग के तहत वह घटना वाली शाम उसे मार्केट से बुलाकर अपने साथ सरायलाल खातून में फैक्ट्री के पास ले गया। वहां रुपये के लेेनदेन को लेकर फिर विवाद हो गया और इसी दौरान सभी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि उमेश व घटना में शामिल दो अन्य की तलाश की जा रही है।
मृतक की बहन का आरोप-सीओ ने मारे थप्पड़
उधर मंगलवार को सोशल मीडिया पर मृतक के परिजनों का वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें वह पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में मृतक की बहन यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि घटना के बाद पुलिस ने न सिर्फ कई घंटे तक उसके परिवारवालों को थाने में बैठाए रखा, बल्कि सीओ ने उसे थप्पड़ मारे। इस मामले में सीओ अमिता सिंह का कहना है कि मुख्य आरोपी को हिरासत में लिए जाने के दौरान परिवारवाले विरोध कर रहे थे। इसी दौरान कुछ गलतफहमी हुई, जिसकी वजह से उन्होंने मृतक की बहन को डांटा था। थप्पड़ मारे जाने की बात गलत है।
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