प्रतियोगी छात्र ने काट लिया प्राइवेट पार्ट।
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डॉक्टर ने दी थी प्राइवेट पार्ट काटने की सलाह
प्रतियोगी छात्र के पूछने पर डॉ. जेनिथ नाम के एक डॉक्टर ने उसे प्राइवेट पार्ट काटकर अलग करने की पूरी प्रक्रिया समझाई थी। इसके बाद छात्र मेडिकल स्टोर से एनेस्थीसिया का इंजेक्शन, सर्जिकल ब्लेड, रूई आदि सामान लेकर घर पहुंचा। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक एनीस्थिसिया का इंजेक्शन लगाकर उसने कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न कर दिया। सर्जिकट ब्लेड से प्राइवेट पार्ट काटकर अलग कर दिया। एनीस्थिसिया का असर जब कम होने लगा तो उसका दर्द तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते उसको असह्य पीड़ा होने लगी और वह तेज तेज से चिल्लाने गया। मकान मालिक से उसने कहा कि कमरे के भीतर मत आइए बस एंबुलेंस बुला दीजिए। मकान मालिक ने एंबुलेंस बुलाकर उसे तेज प्रताप सप्रू (बेली) हास्पिटल में भर्ती करा दिया।
पहले के जैसा नहीं होना चाहता है छात्र
प्राइवेट पार्ट काटने वाला प्रतियोगी छात्र पहले जैसा नहीं होना चाहता है। उसका कहना है कि बचपन से ही उसको लगता था कि वह लड़की है, लेकिन उसका शरीर लड़के का है। अमेठी जिले के रहने वाले छात्र ने कहा कि उसके पिता किसान हैं और मां गृहणी हैं। उसको कोई भाई बहन नहीं है वह अपनी मां-बाप की इकलौती संतान है। 14 साल की उम्र में उसे लगा कि वह लड़की है। सिर्फ लड़के जैसा शरीर ही है। अंदर से लड़कियों जैसी फिलिंग भी आती थी और चाल-चलन और रहन सहन में भी वह लड़की जैसा अनुभव करता है।
सिविल लाइंस में कमरा लेकर रहता है किराए पर
सीबीएसई से इंटर तक की पढ़ाई करने के बाद प्रतियोगी छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रयागराज आ गया था। यहां पर वह सिविल लाइंस इलाके में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। यहीं पर जेंडर चेंज करने का विचार मन में आया और डॉ. जेनिथ ने उसे पूरी प्रक्रिया समझाई। एसआरएन के चिकित्सक डॉ. संतोष सिंह का कहना है कि प्रतियोगी छात्र अब लड़कियों की तरह ही जीवन बिताना चाहता है। वह पहले की तरह नहीं होना चाहता है।