इस पर न्यायालय ने कहा कि सैनिकों के परिवार की शिकायत का प्राथमिकता से समाधान करना चाहिए। जवाबदेही प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य को सैन्यकर्मियों के परिवारों से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए। पीड़ितों को कभी असहाय या असुरक्षित नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
कोर्ट ने इसके लिए प्रदेशस्तर पर उच्चस्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार की ओर से गठित कमेटी का प्रारूप हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई है। कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकार की ओर से बनाई गई इस कमेटी को माॅडल स्वरूप अन्य राज्यों में भी देखा जा सकता है। इसके लिए उन्होंने तीनों सेनाओं के प्रमुख, चीफ आर्मी स्टाफ, भारत सरकार और अन्य प्रदेशों को भी इसे भेजने के निर्देश दिए हैं।