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हाईकोर्ट : सैनिकों के परिवार की शिकायतों के निस्तारण के लिए बनी कमेटी देश के लिए हो सकती है नजीर

Wed, 26 Feb 2025 05:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सैनिकों के परिवार की सुरक्षा व उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य सरकार की प्रदेश व जिला स्तर पर बनाई गई कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सैनिकों के परिवार की सुरक्षा व उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य सरकार की प्रदेश व जिला स्तर पर बनाई गई कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। साथ ही कहा कि यह अन्य प्रदेशों के लिए भी नजीर हो सकता है। इसके अनुसार राज्य स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। इसमें विभिन्न विभागों और तीनों सेनाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। जिला स्तरीय कमेटी की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। इससे पहले न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत ने फिरोजाबाद के सैन्यकर्मी की पत्नी की याचिका पर कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे।

दरअसल, फिरोजाबाद के सैन्यकर्मी की पत्नी को एक शिक्षामित्र द्वारा परेशान करने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। सेना अधिकारी के पत्र पर भी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची के अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा कि राज्य के अधिकारी शिकायत का समाधान नहीं कर रहे हैं और इससे याची के सीमा पर तैनात पति की राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

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इस पर न्यायालय ने कहा कि सैनिकों के परिवार की शिकायत का प्राथमिकता से समाधान करना चाहिए। जवाबदेही प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य को सैन्यकर्मियों के परिवारों से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए। पीड़ितों को कभी असहाय या असुरक्षित नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

कोर्ट ने इसके लिए प्रदेशस्तर पर उच्चस्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार की ओर से गठित कमेटी का प्रारूप हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई है। कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकार की ओर से बनाई गई इस कमेटी को माॅडल स्वरूप अन्य राज्यों में भी देखा जा सकता है। इसके लिए उन्होंने तीनों सेनाओं के प्रमुख, चीफ आर्मी स्टाफ, भारत सरकार और अन्य प्रदेशों को भी इसे भेजने के निर्देश दिए हैं।
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