महाकुंभ में अपनों से बिछड़े बहुत से लोगों को शासन-प्रशासन की ओर से उनके अपनों से मिलाया गया। हालांकि, मेला समापन के बाद भी 1854 ऐसे लोग रह गए, जिनकी खोज खबर नहीं मिली।
महाकुंभ में अपनों से बिछड़े बहुत से लोगों को शासन-प्रशासन की ओर से उनके अपनों से मिलाया गया। हालांकि, मेला समापन के बाद भी 1854 ऐसे लोग रह गए, जिनकी खोज खबर नहीं मिली। अब इन्हें अपनों से मिलाने का बीड़ा कमिश्नरेट पुलिस ने उठाया है। इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
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गुमशुदा लाेगाें की लिस्ट तीनों जोन के पुलिस उपायुक्तों को सौंपी गई है। उन्हें अलग-अलग संख्या में लोगों के नाम व उनके परिजनों आदि के नंबर समेत अन्य विवरण सौंपकर इनके बारे में पता लगाने को कहा गया है। डीसीपी की ओर से इसके लिए जोन पुलिस की विशेष टीम बनाई गई है। विभिन्न माध्यमों से गुमशुदा लोगों का पता लगाने को निर्देशित किया गया है।
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि उन्हें 661 लोगों की लिस्ट मिली है। इनमें से पहले दिन अलग-अलग माध्यमों से 265 लोगों का पता लगाया गया। साथ ही इनके घरवालों से भी संपर्क स्थापित किया गया। इनमें से बहुत से लोग ऐसे थे, जो कुछ दिनों बाद अपने घर पहुंच गए।
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सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल
डीसीपी ने बताया कि गुमशुदा लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की ओर से सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जाएगा। व्हाट्सएप के साथ ही अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए ही टीम में ऐसे पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया गया है, जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना भलीभांति जानते हैं। महाकुंभ के दौरान बहुत से ऐसे सोशल मीडिया यूजर थे, जिन्होंने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए अपने अकाउंट्स का इस्तेमाल किया। संभल में तैनात आईपीएस अफसर अनुकृति शर्मा भी इनमें से एक हैं।