उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं की मार्कशीट जारी करने को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। इस विवाद के साथ प्रतियोगियों में आयोग के प्रति बढ़ता भरोसा भी डगमगाने लगा है। समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी-2013 (आरओ-एआरओ-2013) की मार्कशीट तो अंतिम परिणाम घोषित होने के आठ महीने बाद भी जारी नहीं हुई है। इससे प्रतियोगियों में नाराजगी है और वे एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं।
अनिल यादव के समय में भर्तियों पर लगातार सवाल उठने के बाद आयोग ने घोषित किया था कि परिणाम जारी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर अभ्यर्थियों की मार्कशीट और कटऑफ घोषित कर दिया जाएगा। कई भर्तियों में इस आदेश का पालन भी हुआ, लेकिन अब फिर से मार्कशीट घोषित करने की प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है। आरओ-एआरओ-2013 का अंतिम परिणाम पिछले साल सात अगस्त को घोषित हुआ था, लेकिन अभी तक मार्कशीट जारी नहीं हुई।
इसकी वजह से अभ्यर्थियाें को आठ महीने बाद भी प्राप्तांक तथा कटऑफ की जानकारी नहीं हो पाई है। इसके बाद लोअर सबऑर्डिनेट-2013 का अंतिम परिणाम 15 फरवरी तथा एपीओ-2011 का तीन मार्च को घोषित हो चुका है। पीसीएस-2015 का अंतिम परिणाम भी पिछले महीने घोषित हो चुका है, लेकिन इन भर्तियों की मार्कशीट अभी तक घोषित नहीं हुई है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग को डर है कि मार्कशीट जारी होने के बाद गड़बड़ी सामने आ जाएगी। इससे प्रतियोगी फिर उग्र हो सकते हैं। अवनीश ने अंकपत्र जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन की बात भी कही।