तीन करोड़ रुपये की कोडीन कफ सिरप की खेप पकड़े जाने के बाद एसटीएफ अब गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है। पूछताछ में सामने आए नेटवर्क के बीच सरगना का फोन बंद है। जांच में उसके फोन की आखिरी लोकेशन दिल्ली के पास मिली है। ऐसे में एसटीएफ की जांच का दायरा दिल्ली तक पहुंच गया।
एसटीएफ के हत्थे चढ़े चार तस्करों से पूछताछ में दिल्ली से कोडीन कफ सिरप की खेप हासिल करने की बात सामने आई है। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली के द्वारका स्थित गणेश फार्मा से संपर्क कर सिरप मंगाई जाती थी। इसके बाद डीसीएम से खेप बांदा लाई जाती और अतर्रा, चित्रकूट समेत मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में खपाई जाती थी।
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वहीं, एसटीएफ सरगना के संपर्क में रहे लोगों, कॉल डिटेल और दिल्ली में सिरप की खरीद से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तीन करोड़ की खेप की डिलीवरी किसने दी थी।
एसटीएफ प्रभारी जेपी राय ने बताया कि पकड़े गए चार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी डिटेल खंगाली जा रही है।
दिल्ली से आती थी सिरप, बांदा में बदलता था ठिकाना
गिरोह का नेटवर्क दिल्ली से शुरू होकर बुंदेलखंड तक फैला था। दिल्ली से कोडीन कफ सिरप डीसीएम में लादकर भेजी जाती थी। दिल्ली में आखिरी लोकेशन मिलने और फोन बंद होने से एसटीएफ का शक और गहरा गया है। टीम दिल्ली में सिरप की खरीद, फर्जी बिल तैयार कराने और खेप को बांदा तक पहुंचाने वाले नेटवर्क को जोड़कर तफ्तीश कर रही है।