नगर निगम की एक लापरवाही ने सोमवार को हजारों लोगों को मुसीबत में डाल दिया। लिडिल रोड पर नाले में बोरा लगा देने से सीएमपी डिग्री कॉलेज में पानी घुस गया। जल भराव से नाराज छात्रों ने सीएमपी के सामने डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान बैरहना, मधवापुर, एमजी मार्ग पर हजारों वाहन कतार में खड़े रहे। मामला नियंत्रण से बाहर होते देख नाले से बोरा हटाया गया और पंप से पानी निकाला गया तब छात्र वहां से हटे।
सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने एमजी मार्ग पर सिविल लाइंस की ओर से नाला बहकर आता है। वहीं, दूसरा नाला कॉलेज के पीछे लिडिल रोड पर है। पिछले साल से नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू कर दी और बारिश के दौरान लिडिल रोड वाले नाले पर सीएमपी के पीछे बोरा लगाकर ब्लॉक करना शुरू कर दिया। नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि एमजी मार्ग वाले नाले का फ्लो लिडिल रोड वाले नाले की ओर है। ऐसे में पानी नहीं निकल पाता। अधिक बारिश होने पर लिडिल रोड वाला नाला ब्लॉक कर दिया जाता है। इस बार भी ऐसा ही किया गया। इससे सीएमपी डिग्री कॉलेज परिसर में पानी घुस गया। पानी कक्षाओं में इकट्ठा होने लगा। कक्षाएं बाधित होने के साथ प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हुई तो छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने कॉलेज के सामने रेलवे डॉट पुल के पास जाम लगा दिया।
चक्काजाम होने से सुबह 10.30 बजे मधवापुर और बैरहना से सिविल लाइंस और जॉजटाउन जाने वाले रास्ते पर आवागमन ठप हो गया। हजारों वाहन जाम में फंस गए। बारिश के कारण जगह-जगह कीचड़ और गंदा पानी भी इकट्ठा था। इस बीच कॉलेज के प्रॉक्टर डॉ. संतोष श्रीवास्तव पुलिस अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों से जाम हटाने को कहा लेकिन छात्र नहीं माने और इस समस्या के स्थायी समाधान पर अड़े रहे। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो नगर निगम ने लिडिल रोड वाले नाले पर लगे बोरे को हटाकर पंप से पानी निकालना शुरू किया और जल संस्थान ने भी पानी निकालने के लिए कॉलेज परिसर में मशीन लगाई। इसके बाद बाद दोपहर 12 बजे के आसपास छात्रों ने जाम हटाया।