नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में रक्षा उत्पादों का अवलोकन करते सीएम योगी।
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योगी आदित्यनाथ ने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ साल पहले तक हमारा रक्षा निर्यात मात्र 600 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी 56 प्रतिशत युवा कार्यकुशल आबादी और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ रक्षा क्षेत्र के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने नेशन फर्स्ट के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक के लिए राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए, क्योंकि मजबूत राष्ट्र ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। सीएम ने वहां लगी रक्षा प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एसआईडीएम के वाइस प्रेसिडेंट नीरज गुप्ता, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ए.के. घोष के साथ ही सेना के कई वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में बतौर मुख्य अतिथि सीएम योगी ने लिया हिस्सा।
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आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
सीएम ने कहा कि रक्षा विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका अब केवल पुर्जे बनाने तक सीमित नहीं है। कानपुर नोड में जहां बुलेटप्रूफ जैकेट और डिफेंस टेक्सटाइल का उत्पादन हो रहा है तो वहीं आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य की मानवरहित युद्ध प्रणाली के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार कर रहा है। सरकार की डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी ने निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।
पारंपरिक शौर्य और तकनीक का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लेकर रेगिस्तान की तपती रेत तक, भारतीय सैनिकों का साहस अद्वितीय है। लेकिन अब इस साहस को तकनीक की ढाल प्रदान करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि युद्ध की आंख और दिमाग अब सैटेलाइट और नेविगेशन सिस्टम हैं। दुश्मन के बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को अभेद्य दीवार से घेरना और अपनी सुरक्षा प्रणालियों को ''मार्केट-रेडी'' बनाना ही उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य है।