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UP : सीएम योगी बोले- कीबोर्ड और डेटा अब सेना के नए हथियार, उत्तर प्रदेश बनेगा देश की रक्षा का अभेद्य कवच

Wed, 06 May 2026 07:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में आयोजित रक्षा त्रिवेणी संगम (नॉर्थ टेक सिंपोजियम-2026) के समापन समारोह में भविष्य के युद्धों और भारत की रक्षा तैयारियों का एक व्यापक खाका खींचा।
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नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में बतौर मुख्य अतिथि सीएम योगी ने लिया हिस्सा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में आयोजित रक्षा त्रिवेणी संगम (नॉर्थ टेक सिंपोजियम-2026) के समापन समारोह में भविष्य के युद्धों और भारत की रक्षा तैयारियों का एक व्यापक खाका खींचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और नभ की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। आज के युग में कीबोर्ड, सैटेलाइट और डेटा नेटवर्क उतने ही प्रभावी हथियार बन चुके हैं जितने कि पारंपरिक मिसाइलें और टैंक। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम अब नए रणक्षेत्र हैं, जहां दुश्मन के संचार और पावर ग्रिड को बाधित करना ही जीत की नई रणनीति है।

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भारतीय सेना के उत्तरी तथा मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी की ओर से न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय सिंपोजियम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने यूपी की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जल्द ही भारत की सैन्य शक्ति का मुख्य आधार बनेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के छह नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर तेजी से काम हो रहा है। अलीगढ़ जहां छोटे हथियारों का केंद्र बना है, वहीं कानपुर में मिसाइल और गोला-बारूद का निर्माण हो रहा है। लखनऊ और झांसी में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण से देश की सैन्य क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

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नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में रक्षा उत्पादों का अवलोकन करते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

योगी आदित्यनाथ ने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ साल पहले तक हमारा रक्षा निर्यात मात्र 600 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी 56 प्रतिशत युवा कार्यकुशल आबादी और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ रक्षा क्षेत्र के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने नेशन फर्स्ट के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक के लिए राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए, क्योंकि मजबूत राष्ट्र ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। सीएम ने वहां लगी रक्षा प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एसआईडीएम के वाइस प्रेसिडेंट नीरज गुप्ता, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ए.के. घोष के साथ ही सेना के कई वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

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नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में बतौर मुख्य अतिथि सीएम योगी ने लिया हिस्सा। - फोटो : अमर उजाला।

आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

सीएम ने कहा कि रक्षा विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका अब केवल पुर्जे बनाने तक सीमित नहीं है। कानपुर नोड में जहां बुलेटप्रूफ जैकेट और डिफेंस टेक्सटाइल का उत्पादन हो रहा है तो वहीं आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य की मानवरहित युद्ध प्रणाली के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार कर रहा है। सरकार की डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी ने निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।

पारंपरिक शौर्य और तकनीक का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लेकर रेगिस्तान की तपती रेत तक, भारतीय सैनिकों का साहस अद्वितीय है। लेकिन अब इस साहस को तकनीक की ढाल प्रदान करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि युद्ध की आंख और दिमाग अब सैटेलाइट और नेविगेशन सिस्टम हैं। दुश्मन के बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को अभेद्य दीवार से घेरना और अपनी सुरक्षा प्रणालियों को ''मार्केट-रेडी'' बनाना ही उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

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