औद्योगिक क्षेत्र में हाथ-पैर व सिट काटकर शव फेंकने के मामले में पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा है। पता चला है कि लाश को पॉलीथिन में लपेटकर फेंकने वाला स्कूटीसवार शहर की ओर से आया था। पुराने यमुना पुुल से होकर वह लवायन कुरिया गांव पहुंचा और फिर शव को फेंककर भाग निकला। पुलिस उसे चिह्नित करने में जुट गई हैं।
घटना एक दिन पहले हुई थी। दोपहर 2:30 बजे के करीब स्कूटीसवार एक अधेड़ लवायन कुरिया गांव में पहुंचा था। उसने स्कूटी पर आगे की ओर पॉलीथिन में लिपटा शव लाद रखा था। वहां पहुंचते ही अधेड़ ने स्कूटी से उतारकर शव नाले में फेंका और फिर भाग निकला। पास ही काम करने वाली महिला ने सूचना दी तो गांव के लोग जुट गए। कुछ देर बाद पुलिस भी आ गई और पॉलीथिन खोलकर देखा गया तो इसमें क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस के मुताबिक, मृतक की उम्र 17-18 साल लग रही है।
उधर जांच के क्रम में पुलिस ने मौके तक आने व जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इस क्रम में मिर्जापुर रोड पर लगे 50 से ज्यादा कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इसमें पता चला कि स्कूटसवार शहर की ओर से आया था। पुराने पुल से होते हुए वह प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे से औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि स्कूटीसवार शहर का हो सकता है। फिलहाल उसकी पहचान के लिए टीमें लगी हुई हैं। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए एसओजी को भी लगाया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
करेली से गायब किशोर तो नहीं मृतक?
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दूसरे दिन भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव मर्चरी भेजवा दिया है। हालांकि अब तक यह नहीं पता चल सका है कि वह कौन था। जनपद भर के थानों से जानकारी जुटाने पर पता चला है कि मृतक का हुलिया करेली में रहने वाले एक किशोर से मिलता-जुलता है जो मंगलवार सुबह से ही गायब है। अफसरों का कहना है कि स्कूटीसवार के पकड़े जाने के बाद ही मृतक के बारे में कुछ पता चल सकेगा।