बीआरसी मंझनपुर के ठीक बगल में मूक बधिर बच्चों के लिए संचालित एक्सीलरेटेड कैंप में जिम्मेदारों द्वारा मनमानी बरती जा रही है। मूक बधिर बच्चों से विद्यालय के जिम्मेदार कपड़ा और बर्तन धुलवाते हैं। स्कूल के ठीक बगल एबीएसए मंझनपुर का कार्यालय है, उनका भी डर जिम्मेदार को नहीं है।
शासन द्वारा जिले के मूक बधिर बच्चों को शिक्षित करने के लिए मंझनपुर में एक्सीलरेटेड कैंप (दिव्योंगों का स्कूल) चलाया जा रहा है। इस स्कूल में प्रधानाध्यापक के अलावा वार्डेन व बच्चों के लिए केयरटेकर नियुक्त हैं। इनके अलावा बर्तन-कपड़ा धुलने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके मूक बधिर बच्चों के साथ मनमानी की जा रही है। बुधवार की दोपहर यहां जो कुछ देखने को मिला वह चौंकाने वाला रहा। प्रधानाध्यापक के कक्ष में ताला जड़ा था।
वार्डेन और केयरटेकर के इशारे पर मूक बधित बच्चों से कपड़ा व थाली धुलवाई जा रही थी। बीआरसी के ठीक बगल स्थित स्कूल के जिम्मेदारों को एबीएसए का तनिक भी खौफ नहीं है। एबीएसए अविनाश सिंह ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है। उनका कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।