इलाहाबाद हाईकोर्ट में फर्रुखाबाद के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का वीडियो के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के गौरव भारती ने याचिका दाखिल की है। याचिका पर 21 सितंबर को न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ में सुनवाई होनी है।
याचिका में थाना नवाबगंज में 19 अगस्त 2026 को दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई है। एफआईआर में जानबूझकर अशांति फैलाने के लिए झूठी सूचना फैलाना और जानबूझकर अपमान करना, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। याची ने एफआईआर और उससे जुड़ी कार्यवाही रद्द करने के साथ ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका के अनुसार गौरव भारती ने 16 अगस्त को विद्यालय परिसर में जाकर वहां की स्थिति का वीडियो बनाया था। वीडियो में कथित जर्जर ढांचे, परिसर में जमा पानी और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं को दिखाया गया था। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। याचिका में कहा गया है कि उनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को सामने लाना था।
एफआईआर में विद्यालय पहुंचने और गौरव के साथ मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति पर शिक्षकों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि गौरव भारती के खिलाफ मारपीट, धमकी देने या हिंसा करने का कोई आरोप नहीं है। साथ ही एफआईआर में उनकी ओर से कहे गए किसी विशिष्ट शब्द का उल्लेख भी नहीं किया गया है। याचिका में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है जबकि कंप्यूटर संसाधन में अनधिकृत प्रवेश, डेटा चोरी, बदलाव या नुकसान पहुंचाने जैसी कोई कार्रवाई का आरोप नहीं है।