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शहरियों को गृहकर वृद्धि न होने से राहत

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civilians got relief in house tax - फोटो : CITY DESK
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कोरोना महामारी और लॉक डाउन से परेशान शहरियों को नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। इस वर्ष गृहकर नहीं बढ़ेगा। पुरानी दरों पर ही कर का भुगतान किया जा सकेगा। अमर उजाला ने इस संबंध में पहले ही खबर प्रकाशित की थी कि सोमवार को होने वाली बैठक में गृहकर बढ़ोतरी से राहत मिलेगी।
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नगर निगम सदन और कार्यकारिणी समिति ने वर्ष 20-21 में गृहकर वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया। गजट के बाद नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होनी थीं। वार्षिक किराया मूल्यांकन के आधार पर दरों को पुनरीक्षित किया गया था। प्रस्ताव था कि पक्के मकानों पर 75 प्रतिशत और कच्चे मकानों पर 25 प्रतिशत गृहकर वृद्धि प्रस्तावित थी। वर्तमान दरों के हिसाब से एक हजार रुपये वार्षिक गृहकर के स्थान पर भवन स्वामियों को अनुमानत: करीब 1750 रुपये अदा करने पड़ते। जिससे अब राहत मिल गई है।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई तीसरे चरण की बैठक में गृहकर वृद्धि स्थगित करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने अफसरों के साथ नगर निगम के खर्च और वसूली का आकलन करने के बाद विसंगतियों को दर किनारे कर शहरियों को राहत देने का प्रस्ताव रखा। जिसे नगर आयुक्त रवि रंजन, अपर नगर आयुक्त अमरेंद्र वर्मा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा, मुख्य अभियंता सतीश कुमार, सीएफओ सदन गोपाल मिश्र आदि ने अनुमोदित किया। इसके बाद तत्काल प्रभाव से गृहकर वृद्धि प्रस्ताव स्थगित करने का आदेश जारी किया गया। अब शहरी पूर्व में लागू दरों के हिसाब से गृहकर का भुगतान कर सकेंगे। इस संबंध में पार्षद रतन दीक्षित, कमलेश सिंह, आनंद घिल्डियाल, मुकुंद तिवारी, पार्षद संघर्ष समिति के शिवसेवक सिंह आदि ने महापौर और नगर आयुक्त को पत्र दिए थे। जिसमें गृहकर वृद्धि को स्थगित करने की मांग की गई थी।
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कोरोना महामारी और लॉक डाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। पीएम और सीएम की भी मंशा थी कि लोगों पर आर्थिक बोझ न डाला जाए। लोगों को राहत देने के लिए गृहकर वृद्धि के प्रस्ताव को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।- अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर
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