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अतिक्रमण हटाने के दौरान सिविल लाइंस में मारपीट, हंगामा

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Civil Lines fight, commotion during removal of encroachment - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। सिविल लाइंस में अतिक्रमण हटाने के दौरान शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। कार्रवाई को लेकर पीडीए टीम व पूर्व पार्षद आमने-सामने हो गए। जिसमें पहले नोकझोंक और फिर मारपीट हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ी। पूर्व पार्षद को ले जाने पर व्यापारियों ने थाने का घेराव कर दिया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई लेकिन देर रात तक कोई मुकदमा नहीं लिखा गया था।
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घटना दोपहर एक बजे के करीब हुई। पीडीए की टीम जोनल अफसर आलोक पांडेय के नेतृत्व में सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे के पास एमजी मार्ग की सड़क पटरी पर स्थित तीन दुकानों को ढहाने पहुंची। दुकानों को खाली कराया जा रहा था कि तभी पूर्व पार्षद अमित सिंह उर्फ बबलू फनटाइन अपने अज्ञात साथियों संग वहां आकर विरोध करने लगा। जिसे लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। बात बढ़ी और कुछ देर बाद मारपीट शुरू हो गई। बीचबचाव पर अभद्रता की गई जिसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया। आरोप है कि इस दौरान पूर्व पार्षद को भी पीटा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई। जिसकी सूचना पर बड़ी संख्या में सिविल लाइंस के व्यापारियों ने थाने पहुंचकर घेराव शुरू कर दिया। वह पीडीए अफसरों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। थाने में करीब तीन घंटे तक जमघट लगा रहा। उधर कार्रवाई करते हुए पीडीए ने दोपहर बाद तीनों अवैध निर्माण ध्वस्त करा दिए।
अवैध तरीके से बनी दुकानों को हटाने का विरोध किया जा रहा था। इसी दौरान पूर्व पार्षद ने अपने साथियों संग मिलकर गाली गलौज व हाथापाई की। गनर अजीत यादव ने रोकना चाहा तो उससे मारपीट शुरू कर दी जिसमें वह चोटिल भी हुआ। इस दौरान उसकी कार्बाइन भी टूट गई। पुलिसकर्मियों ने रोकना चाहा तो हमलावरों ने दरोगा का कॉलर पकड़कर उसका बैज नोच लिया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पीडीए ने तीनों दुकानें ध्वस्त करा दीं। -आलोक पांडेय, जोनल अफसर, पीडीए
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पूर्व में ही जारी हुआ था ध्वस्तीकरण आदेश
जिन तीन दुकानों पर कार्रवाई को लेकर हंगामा हुआ, उनके ध्वस्तीकरण का आदेश इसी साल जारी हुआ था। विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला का दावा है कि ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील भी की गई थी जिसे सक्षम प्राधिकारी की कोर्ट से खारिज भी किया जा चुका है। जोनल अफसर आलोक पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दुकानों में से दो पर पर एक सपा पार्षद का अवैध कब्जा है। कार्रवाई के विरोध की मुख्य वजह दुकानों से होने वाली अवैध वसूली है।
तहरीर मिली, लेकिन कार्रवाई न करने का अनुरोध
इस मामले में कार्रवाई को लेकर देर रात तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है लेकिन कार्रवाई न करने का अनुरोध किया गया है। आशय पूछने पर उनका कहना है कि दोनों पक्ष कार्रवाई तभी चाहते हैं जब विपक्षी की ओर से कोई कार्रवाई की जाए।
दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग
प्रयागराज। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सिविल लाइंस व्यापार मंडल के महामंत्री अमित सिंह की पुलिस द्वारा की गई पिटाई के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने सिविल लाइंस थाना घेर कर दोषी पुलिसकर्मियों और पीडीएकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश केसरवानी और नगर अध्यक्ष लालू मित्तल ने कहा कि पीडीए अगर कहीं कोई कार्रवाई करता है तो वह पहले व्यापारियाें को कम से कम एक सप्ताह पहले नोटिस दे। इस दौरान सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमंग ग्रोवर, उपाध्यक्ष विशाल कनौजिया, आशुतोष सिंह, अनिल गुप्ता, अरविंद यादव, बबलू सिंह, अशोक सिंह, सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा, महामंत्री शिव शंकर, राजीव जायसवाल, आशीष अरोरा, वीरेंद्र सोनकर, विनोद चंद्र दुबे, सतीश केसरवानी, रघुनाथ द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

Civil Lines fight, commotion during removal of encroachment- फोटो : CITY DESK

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