अब कंपनी द्वारा यहां बस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस बस पोर्ट में एसी वेटिंग लाउंज, अंडरग्राउंड पार्किंग, इलेक्टि्रक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन आदि की सुविधाएं रहेंगी। बस स्टेशन पर दिव्यांग फ्रेंडली काउंटर, रेस्तरा, होटल, रिटेल शॉप, एसी वेटिंग रूम, वीआईपी लाउंज आदि की सुविधा भी रहेगी। डिजाइन कुछ इस तरह से तैयार किया गया है कि जिन लोगों को बसें पकड़नी होंगी, वह सीधे बस पोर्ट पहुंचें और जिन्हें होटल, रेस्तरा, बैंक्वेट हॉल, फूड कोर्ट या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जाना है वह बिना किसी अवरोध के संबंधित स्थान पर पहुंच जाएं। इसके लिए यहां कई लिफ्ट एवं एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे।
बस पोर्ट के निर्माण मानचित्र की स्वीकृति मिल चुकी है। माह भर के भीतर यहां बस पोर्ट निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। इस दौरान यहां से संचालित बसों का संचालन शहर के अन्य किसी स्थान से होगा। - यजुवेंद्र कुमार, प्रधान प्रबंधक (पीपीपी) यूपी रोडवेज मुख्यालय।
सिविल लाइंस बस स्टेशन कहां होगा शिफ्ट, जल्द हो सकता है तय
सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन के पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत वहां से संचालित बसें शहर के किस स्थान से चलेंगी, उसे लेकर सोमवार को निर्णय होने की उम्मीद है। यूपी रोडवेज प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बसों के संचालन के लिए पांच संभावित स्थलों का चयन कर उसकी सूची जिलाधिकारी प्रयागराज को भेजी है। अब जिला प्रशासन ही इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।
सिविल लाइंस बस स्टेशन प्रयागराज मंडल का सबसे बड़ा बस स्टेशन है। इस वजह से यहां से हर रोज तकरीबन 850 बसों की आवाजाही होती है। अब बस स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य की वजह से तकरीबन दो वर्ष तक यहां से बसों का संचालन नहीं होगा। ऐसे में रोडवेज ने बसों के संचालन के लिए कुछ स्थान चिह्नित कर जिला प्रशासन को भेजा गया हैं। इस बारे में क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह का कहना है कि बसों के संचालन के लिए पांच स्थलों का चयन किया गया है। इसमें विद्यावाहिनी, केपी, प्रिटिंग कॉलेज, नेहरू पार्क, लीडररोड बस स्टेशन शामिल है। इसकी सूची जिलाधिकारी प्रयागराज को भेजी गई है।