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शहर पश्चिमी में भी असमंजस

Fri, 24 Feb 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र इस बार त्रिकोणीय संघर्ष में फंसा है। पिछले दो चुनाव बेहद आसानी से जीतने वाली बसपा की पूजा पाल को भाजपा के सिद्धार्थ नाथ सिंह और सपा की रिचा सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है। इस क्षेत्र में पिछले बार धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण हो गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
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पूजा पाल ने 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में अपना दल से चुनाव लड़ रहे अतीक अहमद को करारी शिकस्त दी थी। इस बार अतीक या उनके परिवार का कोई भी शख्स चुनाव नहीं लड़ रहा। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता सिद्धार्थनाथ सिंह के आने से स्थितियां पूरी तरह से बदल गईं हैं। इस बार जाति फैक्टर जरूर चला, लेकिन धार्मिक आधार पर कोई ध्रुवीकरण नहीं है। सिद्धार्थनाथ सिंह के समर्थन में भाजपा अध्यक्ष से लेकर तमाम वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने मीटिंग की।

वहीं पूजा पाल को अपने काम और बसपा सुप्रीमो मायावती के नाम का भरोसा है। वह सभाओं में अपने क्षेत्र से गुंडाराज के सफाए के नाम पर वोट मांग रही हैं। सपा की रिचा सिंह को इस बार सपा के परंपरागत यादव और मुस्लिम वोटों के साथ युवाओं के हर तबके का वोट मिलने की उम्मीद है। पिछले दो तीन दिनों से अतीक के भाई अशरफ तथा परिवार के अन्य लोगों की रिचा के पक्ष में सक्रियता से माहौल बना है।
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अंतिम समय में भाजपा नेताओं की ओर से ध्रुवीकरण की जमकर कोशिशें की गईं। मतदान की पूर्व संध्या पर मतदाताओं से संपर्क कर बताया गया कि वोट से मोदी को बहुत मजबूती मिलेगी। अंतिम समय में पूजा पाल ने भी बसपा के परंपरागत वोटरों के अलावा तमाम जातियों के मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास किया। गुरुवार को दिन में वोटिंग के समय भी इसका असर दिखा। नीवा, अबूबकरपुर और कंधईपुर इलाकों में जमकर वोट पड़े तो मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में भी जमकर वोटिंग हुई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने वोट डाले।

चाय की चुस्की के लिए भटकने वालों ने पुलिस वालों को जमकर कोसा। प्रीतमनगर की अधिकांश दुकानें पुलिस ने बंद करा दी थीं। लोगों ने कहा कि चुनाव के चक्कर में सुबह से बाहर न चाय मिली न ही पान। इन दोनों के बिना चुनावी चर्चा अधूरी रहती है।

पहली बार वोट डालने वाले लड़के-लड़कियों का एक ग्रुप लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र करेली से बाहर निकलकर उंगली में स्याही के साथ सेल्फी लेने लगे तो उन्हें देखने के लिए भीड़ लग गई। पुलिस ने देखा तो उन्हें वहां से चलता किया।
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