कैंडल लाइट सर्विस के साथ गिरजाघरों में प्रभु यीशु की आराधना
क्रासर
प्रभु यीशु के आगमन के उपलक्ष्य में सेंट पॉल चर्च में कैंडल लाइट के साथ मना जश्न
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव की खुशी में कैरल सिंगिंग के साथ ही शुक्रवार को सेंट पॉल चर्च परिसर से कैंड लाइट सर्विस के साथ आराधना हुई। इसमें शहर के मसीही समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसी के साथ मसीही समुदाय में चर्चों से लेकर घरों तक प्रभु यीशु के आगमन को यादगार बनाने के लिए कैंडल लाइट सर्विस का जश्न मनाने का सिलसिला आरंभ हो गया।
प्रभु यीशु के आगमन के उपलक्ष्य में कैंडिल लाइट सर्विस चौंक चर्च के अलावा मैथोडिस्ट चर्च, नैनी चर्च, सेंट पीटर्स चर्च, सेंट जॉस चर्च के लोगों ने अलग-अलग गुणों के जरिए गीतों को गाया गया। फादर जितेंद्र नाथ ने ज्योति पर प्रकाश डाला। फादर डॉ. एसपी लाल ने प्रत्येक कलीसिया के युवक-युवतियों के कैरल गीतों का स्वागत किया। इनके अलावा बाइबिल सोसाइटी के चितरंजन पॉलसन, अशोक कुमार विल्सन, नीरज कश्यप, जॉस्टिन मसीह, समीर मोसेस, राजेश किडर समेत कई समीहियों ने विशेष प्रार्थना के बाद कैंडल लाइट सर्विस की शुरुआत की। इसके बाद कैंडल के साथ परिक्रमा भी की गई। इसके बाद आशा की ज्योति को जलाया गया। इसमें सभी गिरजाघारों के पादरियों और मसीहियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रभु यीशु की संगीतमय आराधना की गई। इस दौरान मसीही समुदाय के लोग ‘आया है यीशु आया है, मुकतले साथ लाया है..., मेरा प्रभु जन्मा प्यारा प्रभु जन्मा... जैसे गीत गाते रहे। पादरियों ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव निकट है। मान्यता है कि प्रभु यीशु ख्रीस्त ज्योति के रूप में संसार का अंधकार मिटाने के लिए धरा पर आए थे। ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर मास पर्यंत चलने वाली प्रार्थनाओं और कैरोल सांग समेत अन्य उत्सवों की शुरुआत कैंडल लाइट सर्विस से की जाती है।