छात्र-छात्रा अब एक ही संस्थान में बंधकर नहीं रहेंगे। एक ही क्लास में संस्थान बदलने की छूट होगी। इस पर सहमति पहले ही बन चुकी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब आगामी सत्र से ही विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं आगामी सत्र से कौशल विकास का क्रेडिट ढांचा भी लागू किया जाएगा। इसके लिए यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर तैयारी करने के लिए कहा है। यूजीसी ने सुझाव भी दिए हैं। साथ में दोनों ही सिस्टम का प्रारूप जारी किया है। मंत्रालय और यूजीसी की गंभीरता को इससे भी समझा जा सकता है कि संस्थानाें की मदद के लिए एक प्रकोष्ठ बनाया गया है।
केंद्र सरकार की पहल सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों की बैठक में विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम लागू करने का निर्णय काफी पहले लिया जा चुका था। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवाओं के कौशल विकास पर भी अधिक जोर है। इस मकसद से कौशल विकास पर नए कोर्स शुरू करने की पहल की गई है।
साथ में नए संस्थान भी खोले जाएंगे। अब दोनाें योजनाओं को आगामी सत्र से लागू किए जाने की तैयारी की गई है। विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम के तहत विद्यार्थी बीच में संस्थान बदल सकेंगे। इतना ही नहीं एक से अधिक विषय से निर्धारित क्रेडिट भी हासिल कर सकेंगे लेकिन इस लागू करने के पहले सभी संस्थानों की डिग्री और सिलेबस में समानता जरूरी है। यूजीसी ने इस बाबत एक प्रारूप जारी किया है। पत्र लिखकर सभी संस्थानों से इस आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करने तथा अन्य जरूरी तैयारी कर लेने के लिए कहा है।