इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा जिले के अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट और उनके रिश्तेदारों को परेशान करने, उन्हें अपमानित करने की घटना के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एटा को जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट अगली तारीख पर या उसके पहले देने के निर्देश दिए गए हैं। मैमले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ कर रही थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एटा को ऑड विजुअल इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों सहित सभी प्रासंगिक तथ्यों को सूचीबद्ध करने और आवश्यक हस्तक्षेप करते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट, एटा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एटा को भी निर्देशित करते हुए जांच में मुख्य? न्यायिक धार्मिकता का सहयोग करने के लिए कहा है। यह भी निर्देश दिया गया है कि दिनों अफसर तथ्यों व डायरीवेज़ों को मुहैया कराने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से बात उत्तर प्रदेश बार काउंसिल द्वारा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित पत्र का जिक्र किया गया है। साथ मे हाईकोर्ट बार एश संस्थान और कुछ अधिवक्ता की ओर से ईमेल द्वारा प्रेषित पत्र के हवाले से मामले में उचित करवाई का अनुरोध किया गया है। मामले में अगली सुनवाई जनवरी 2021 को होगी।