चेक बाउंस के मुकदमों के लिए गठित विशेष न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मुकदमे को इसलिए खारिज कर दिया कि वादी रुपये दिए जाने का कोई सबूत अदालत में पेश नहीं कर सका। यह आदेश विशेष न्यायालय के जज उमाशंकर पासी ने हंडिया निवासी त्रिलोकीनाथ शुक्ल के मुकदमे में आरोपित योगेश के अधिवक्ता सुनील पांडेय के तर्कों को सुन कर दिया।
अदालत ने कहा कि त्रिलोकी नाथ शुक्ला की ओर से यह कहा गया है कि योगेश ने उसको जमीन बेचने के लिए 18 लाख रुपये दिए थे। लेकिन ये रुपये किस के सामने दिए गए उसे पेश नहीं किया है। जिस जमीन को वादी ने खरीदने के लिए रुपये दिए हैं उसके अभिलेखों को नहीं देखा और उसकी कोई जांच नहीं किया तथा इस रुपये के लेनदेन की कोई लिखा पढ़ी या कोई प्रमाण भी दाखिल नहीं किया है अदालत ने यह भी कहा कि 18 लाख रुपये की व्यवस्था कहां से करके उसने आरोपी को दिया यह भी अदालत को नहीं बताया है उसकी क्या आय है, इसका कोई सबूत वादी की ओर से दाखिल नहीं किया गया है इसलिए यह मुकदमा समाप्त होने योग्य है।