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सुबह शाम चौका-चूल्हा, दिन में राजस्व वसूली, गांवों की महिलाओं ने संभाली राजस्व वसूलने की कमान

Thu, 26 Nov 2020 01:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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भोजपुरा गांव की कमला की जिंदगी सुबह शाम चौका चूल्हा और घर परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने में ही गुजर रही थी। पति राम खिलावन जो कमाते उसी से घर का खर्चा चलाना कमला की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था।
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कमला कभी कभार ही घर की देहरी से बाहर निकलीं थीं। लेकिन, बीते दो महीने से कमला की जिंदगी बदल गई। अब उसके हाथ में एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है। वह दरवाजे दरवाजे जाकर सरकार के बकाया बिजली बिल की वसूली करती हैं और उसके बदले प्रति बिल कमला को 20 रुपये मिलते हैं। ऐसा करके कमला महीने में सात से आठ हजार कमाने लगीं। कमला जैसी बहुत सी महिलाओं ने अब बिजली के बकाया बिल को वसूलने की कमान संभाल ली है और अपनी आय शुरू कर दी। महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने की कमान की शुरुआत बिजली विभाग ने की है।

बिजली के बकाया बिल को वसूलने के लिए विभाग ने योजना बनाई कि गांवों की महिलाओं को इसमें शामिल किया जाए। इसके लिए गांव में पहले से बने सेल्फ हेल्प ग्रुप की सहायता ली गयी। इसके अलावा नए सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का प्लेटफॉर्म तैयार किया गया।
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प्रयागराज बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर ओम प्रकाश यादव ने बताया कि शुरुआत में दो गांव से इसकी शुरुआत की गई। जिसमें कुछ महिलाएं जुड़ी। बाद में इस योजना को बढ़ाया गया। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते दो महीने में सेल्फ हेल्प ग्रुप में शामिल महिलाओं की वजह से गांवों में बिजली के बकाया बिल की अब तक 27 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली हो गयी है।

खूब जुड़ रहीं हैं महिलाएं

बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जब महिलाओं को पता चला कि एक बिल के बकाया भुगतान करवाने पर बीस रुपये मिल रहे हैं तो और महिलाएं भी जुड़ने लगीं। अब प्रयागराज के कई गांवों में ऐसी महिलाओं को जोड़ा गया है और बिजली के बकाया बिल की वसूली भी हो रही है।

अभी और गांव जोड़े जाएंगे

बिजली विभाग के मुताबिक अभी इस योजना को गंगा पार के गांव तक ही सीमित रखा गया है। कुछ गांव अब ज़रूर गंगा पार के अलावा इस योजना से जुड़ गए हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा गांव इस योजना से जुड़ें। जिससे महिलाओं को भी वित्तीय मदद मिले और सरकार का बकाया राजस्व भी

सफल हो रही है योजना

महिलाओं को एक मशीन दी गई, जिसमें वह दस हजार रुपये तक के बिजली बकाए का भुगतान ले सकतीं हैं। अब तक 27 लाख रुपये के बकाए का भुगतान हो चुका है। महिलाओं को जोड़कर यह योजना सफल हो रही है। जल्द ही इसका और विस्तार होगा।
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ओम प्रकाश यादव, चीफ इंजीनियर, बिजली विभाग, प्रयागराज
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