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चौफटका डबल मर्डर केसः हालात बिगाड़ने के लिए प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं

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प्रयागराज के चौफटका इलाके में हुए तिहरे हत्याकांड के विरोध में सोमवार को परिजनों और आम लोगों ने च - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। धूमनगंज के चौफटका में सरकारी जमीन पर रास्ते को लेकर तीन लोगों की हत्या के लिए प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। लगातार शिकायतों के बावजूद अफसर आंख बंद किए रहे। इससे लेखपाल से लेकर ऊंचे पदों पर बैठे अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध हो गई है। खास बात तो यह है कि प्रशासन की ओर से इतनी बड़ी घटना के लिए सिर्फ पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद मजिस्ट्रेटी जांच भी बैठा दी गई है। यह हालात तब हैं जब शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री डीएम को फटकार लगा चुके हैं।
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चौफटका में सरकारी जमीन पर दबंगों ने दीवार खड़ी कर दी थी, जबकि वह आम रास्ता है। दीवार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्थानीय लोगों ने थाने के अलावा तहसील तथा डीएम के यहां भी शिकायत की। लगातार शिकायतों के बाद तहसीलदार तथा अन्य अफसरों की मौजूदगी में थाने में कई बार पंचायत हुई। जमीन की नापजोख भी की गई, लेकिन हर बार मामला लटका दिया गया। यह यह स्थिति तब है जब शिकायतों की सुनवाई के मामले में प्रयागराज सबसे फीसड्डी जिलों में शामिल है। इसे लेकर मुख्यमंत्री डीएम को फटकार लगा चुके हैं। इसके बावजूद इस शिकायत को लेकर अफसर गंभीर नहीं रहे तथा उनकी बेरुखी तीन परिवारों पर भारी पड़ी। इसके विपरीत प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि लोगों ने थाने में शिकायत की थी। जांच कराई जा रही है।
एसएसपी के निलंबन के बाद डीएम ने बैठाई जांच
0 रास्ते के विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद प्रशासन अपनी गर्दन बचाने की कवायद में जुट गया है। एसएसपी के निलंबन के बाद डीएम ने पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। सिटी मजिस्ट्रेट रास्ते के विवाद समेत अन्य सभी बिंदुओं की जांच करेंगे। इतना ही नहीं, डीएम ने इस तरह के अन्य सभी छोटी-बड़ी शिकायतों की जांच का भी आदेश दिया है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट से जल्द जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। तहसील या पुलिस विभाग के जो भी अफसर-कर्मचारी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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