प्रयागराज। धूमनगंज के चौफटका में मारे गए लालू यादव का परिवार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से बेहद दुखी है। पांच दिन बीतने के बाद भी सांसद, विधायक उनका हाल जानने घर नहीं पहुंचे जिसे लेकर उनमें गहरी नाराजगी है। मृतक की पत्नी छवि यादव ने इसी दर्द व नाराजगी को को सोशल मीडिया पर बयां किया है। अपनी पोस्ट में उसने शासन व जनप्रतिनिधियों को निशाने पर लेते हुए लिखा है कि वोट देने में उसने कभी जातिवाद नहीं किया, लेकिन अब सबक ले लिया।
चौफटका में 18 जुलाई को रास्ते के विवाद को लेकर खूनी खेल खेला गया था जिसमें तीन लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इनमेें चौफटका का लालू यादव भी शामिल था। हत्या के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घर में पुरुष सदस्य के नाम पर केवल मृतक का का बेटा अविरल ही बचा है जिसकी उम्र अभी महज नौ साल की है।
परिवारवालों का कहना है कि घटना के पांच दिन बाद भी मदद के नाम पर अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। पुलिस व प्रशासन के अफसर आए तो जरूर लेकिन केवल आश्वासन ही दिया। पूछने पर यही बताया जा रहा है कि लिखापढ़ी कर दी गई है लेकिन शासन प्रशासन का रवैया बेहद दुखी करने वाला है। पत्नी छवि ने बताया कि पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक स्थानीय विधायक या सांसद परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। दो दिन पहले मेयर अभिलाषा गुप्ता आईं। लेकिन वह भी आश्वासन देकर चली गईं। इसी दर्द को मृतक की पत्नी छवि ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सोशल मीडिया पर बयां किया है।
क्या लिखा है अपनी पोस्ट में
छवि ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘वोट देने में मैं कभी जातिवाद में नहीं फंसी, लेकिन मुझ विधवा के साथ न्याय करने में योगी आदित्यनाथ जरूर जातिवाद में उलझ गए। मुझसे गलती हो गई, क्योंकि मैं भूल गई थी कि अपने तो अपने होते हैं(अखिलेश यादव), और गैरों(केशव प्रसाद मौर्या, केशरी देवी पटेल) से पूरे जीवन का सबक ले लिया, और अब अपनों को छोड़कर गैरों पर विश्वास कभी नहीं करूंगी। मेरी बात इन बहरे कानों तक पहुंचाने के लिए प्लीज हेल्प मी।
दहशत में गुजर रहा है एक-एक पल
छवि का कहना है, मदद तो छोड़िए, अब तक प्रशासन उस गुहार पर भी विचार नहीं कर सका है कि जिसमें कहा गया था कि कम से कम एक नामजद आरोपी के घर के दो रास्तों में से वह रास्ता बंद करा दिया जाए, जो उसके दरवाजे के सामने से होकर गुजरता है। घर में उसके अलावा सास, दो ननद व तीन साल की बेटी व नौ साल का बेटा है। परिवार का एक-एक पल दहशत में गुजर रहा है।
मृतक की मां-बहन का बयान दर्ज
प्रयागराज। उधर बृहस्पतिवार को सीओ के समक्ष मृतक के परिजनों का बयान दर्ज हुआ। सूत्रों ने बताया कि बयान के लिए मृतक की पत्नी छवि, उसकी मां ऊषा देवी व दो बहनें इस्मिता व सुमन को सीओ सिविल लाइंस कार्यालय में बुलाया गया था। हालांकि इनमें से महज ऊषा व इस्मिता का ही बयान दर्ज हो सका। छवि व सुमन से कहा गया कि उनका बयान बाद में दर्ज किया जाएगा।