पुलिस के भी खेल निराले हैं। अब ताजा मामला ही ले लीजिए। दारागंज पुलिस ने अपने ही थाने में खड़ी सीज गाड़ी का चालान कर दिया। वह भी तब जब एक दिन पहले ही गाड़ी एमवी एक्ट के उल्लंघन में सीज की जा चुकी थी। मामले में दारागंज इंस्पेक्टर से बात नहीं हो सकी। उधर अफसरों का कहना है कि जांच कराई जाएगी।
दारागंज पुलिस ने पांच अगस्त की रात सेक्स रैकेट पकड़ा। इनके कब्जे से दो गाडिय़ां बरामद हुईं जिनमें से एक स्विफ्ट कार थी जिसका रजिस्ट्रशन नंबर यूपी 70 एफबी 1819 है। गाड़ी रैकैट के सदस्य बताए जा रहे कच्ची सडक़ निवासी सत्यम यादव की थी जिसे पुलिस ने अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घटना के संबंध में जो फर्द तैयार की,उसमें लिखा गया कि कोई दस्तावेज न मिलने पर वाहन को एमवी एक्ट के उल्लंघन के तहत सीज कर दिया गया।
फर्द के मुताबिक, यह कार्रवाई रात 11.50 मिनट पर की गई। सीज करने के बाद गाड़ी को थाना परिसर में ही खड़ा कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अगले दिन यानी छह अगस्त को इसी गाड़ी का तीन हजार रुपये का चालान काट दिया गया। इस बात की जानकारी संबंधित को तब हुई जब मोबाइल पर चालान कटने का मैसेज आया।
मामले में भुक्तभोगी पक्ष के अधिवक्ता ऋषि का आरोप है कि पुलिस नियम-कानून को ताक पर रखकर कार्रवाई कर रही है। इस मामले की शिकायत आला पुलिस अफसरों से की गई है। कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायालय की शरण में जाएंगे। उधर इस मामले में बात करने की कोशिश की गई तो दारागंज थाने का सीयूजी नंबर एक दरेागा ने उठाया। जिसने बताया कि अस्वस्थ होने के कारण इंस्पेक्टर फोन पर उपलब्ध नहीं हैं। उधर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह से बात की गई तो उनका कहना है कि प्रकरण की जानकारी नहीं है। थाने में खड़ी सीज गाड़ी का चालान हुआ है तो जांच कराई जाएगी।