इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी हॉस्टल में छात्रनेता अच्युतानंद शुक्ला की हत्या के मामले में फरार चल रहा एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या बीते साल एक नवंबर को हुई थी। वह पीसीबी हॉस्टल में चल रही जन्मदिन पार्टी में शामिल था कि तभी उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मामले में सीएमपी छात्रसंघ के तत्कालीन अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी के अलावा हरिकेश मिश्रा व सौरभ सिंह को नामजद किया गया था।
जिन्हें कई दिनों बाद पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान ही राहुल वर्मा उर्फ कनक पुत्र नंदलाल निवासी बगमरिया, रेवती बलिया का नाम सामने आया। जिसके ऊपर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर उसे सलोरी पॉवर हाउस के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से तमंचा, कारतसू व मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि राहुल ने ही आशुतोष को गोली चलाने के लिए उकसाया था।
पुलिस ने यह बताई थी वजह
हॉस्टल में आयोजित जन्मदिन पार्टी में आशुतोष दोस्तों हरिकेश व प्रवीण सिंह गज्जू के साथ पहुंचा था। डांस को लेकर गज्जू का अच्युतानंद के करीबी से विवाद हुआ तो हरिकेश व आशुतोष उसके पक्ष से बोलने लगे। जिस पर अच्युतानंद ने तीनों को भगा दिया। कुछ देर बाद फिर फोन कर बुलाया जिस पर आशुतोष हरिकेश व गज्जू के साथ ही सौरभ, कनक उर्फ राहुल व देवऋषि सिंह उर्फ देवा शूटर के साथ पहुंचा। हालांकि, भीतर केवल आशुतोष, हरिकेश व सौरभ ही गए। डर था कि अच्युतानंद व उसके साथी हमला कर सकते हैं, ऐसे में आशुतोष ही अच्युतानंद के पास गया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया। कुछ ही पल बीते थे कि अचानक उसने अच्युतानंद की पीठ पर गोली दाग दी और वहां से भाग निकला। आशुतोष ने बताया है कि अच्युतानंद पिछले कई महीनों से उसे सबके सामने बेइज्जत करता था।