फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झल्लाइये कि आप इलाहाबाद में हैं...

Fri, 24 Aug 2018 02:25 AM IST
अमर उजाला बयूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
हर तरफ खोदाई, ऊबड़खाबड़ सड़कों पर बड़े-बड़े खतरनाक गड्ढे बने हैं। आधा शहर जाम की समस्या से रोज जूझ रहा है और अफसर मीटिंग-मीटिंग का खेल खेल रहे हैं। जरा सी बारिश में साक्षात नरक देखना है तो बानगी के तौर पर लूकरगंज, खुल्दाबाद, हिम्मतगंज, बेनीगंज की राह चले जाएं, जहां हजारों लोग सड़कों की दुर्दशा से रोज जूझ रहे हैं। खुसरो बाग के लक्ष्मी तिराहे पर हुए विशालकाय गड्ढे के कारण तमाम वाहन गुरुवार को फंस गए जिससे घंटों जाम लगा रहा। इस जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे, जिसमें बच्चे उमसभरी गर्मी में बिलबिलाते रहे। हालत यह रही कि जरूरी कार्य से जाने वाले लोगों को पैदल या फिर बाइक से गंतव्य को जाना पड़ा।
विज्ञापन


लूकरगंज में आरओबी के बगल से अग्रसेन कॉलेज के रास्ते मध्यान नर्सिंग होम तक जाने वाली सड़क पर चलना सुरक्षित नहीं है। कॉलेज के पास बड़े गड्ढे में पानी भरा है। आगे बढ़े तो जगह-जगह ऊबड़खाबड़ सड़क पर गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। नर्सिंग होम चौराहे से बनर्जी तिराहे तक कमोबेश यही हाल है। एक तरफ नालियां खोदी गईं हैं तो दूसरी ओर फुटपाथ से निकाली गई मिट्टी फैली है। चौड़ीकरण के लिए गिराई गईं गिट्टियां बिखरकर खतरनाक हो गई हैं।

इसी क्रम में हिम्मतगंज से बेनीगंज के बीच भी राह आसान नहीं है। पहले मकान ध्वस्त किए गए तो मलबा मुसीबत बना रहा। बाद में नाली निर्माण के लिए खोदाई बड़ी परेशानी का कारण बनी। अब टूटी सड़क पर मकानों का मलबा, फैली मिट्टी और गड्ढों से हालत खराब है। सब्जी मंडी से चौफटका तक छोटे वाहनों को डोलते हुए चलना, लोगों का फिसलकर गिरना और भारी वाहनों और रोडवेज बसों का इन मुसीबतों के बीच फर्राटा भरना, रात में गिट्टी लदे डंपरों का दाहिने-बाएं झुकना लोगों को डरा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग के अफसर बोलते हैं, काम प्रगति पर है, जल्द सब ठीक हो जाएगा, अब कुछ दिन ही बचे हैं, जैसे रटे रटाए जुमले ही बोलते हैं। अफसरों की बैठक में लोगों को हो रही परेशानी के बारे में कमिश्नर की ओर से भी कोई ठोस निर्देश नहीं मिलता। बुधवार रात मछली तिराहे के पास एक कार फंसने से जाम लग गया था, यही स्थिति कमोबेश गुरुवार को भी रही।
विज्ञापन


जिन इलाकों में सड़क चौड़ीकरण का काम हो रहा है, अधिकांश स्थानों पर एडीए और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के बीच मामला फंसा है। चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम एडीए करा रहा है, जबकि सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों को बनाने की जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की है। इकाई के अफसर सड़कों को पूर्व स्थिति में लाएं तो आगे काम बढ़े। साफ है कि दोनों विभागों में समन्वय का अभाव है। इसी तरह बिजली और जलकल विभाग वाले भी कहीं-कहीं काम में बाधा बने हैं। सभी अपना पक्ष दुरुस्त बताते हैं, लेकिन खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं।

दो महीने के लिए हुए रूट डायवर्जन के लिए रोडवेज बसों के आनेजाने को अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। दो से चार दिन बाद स्थिति बिगड़ गई है। कानपुर से आने वाली बसों को कोखराज बाई पास से नवाबगंज-फाफामऊ के रास्ते और शहर से कानपुर जाने वाली बसों को नवाब यूसुफ रोड से पानी टंकी के रास्ते खुसरोबाग की दीवार के बगल से मछली बाजार मोड़ से जाने का मार्ग दिया गया है। दोनों तरफ से आने जाने वाले बस चालक मनमानी कर रहे हैं। लूकरगंज में भी रोडवेज बसें जाने से जाम की स्थिति बनी रहती है।

गुरुवार को मछली तिराहे पर जाम लगा रहा और वहां पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी सिर्फ तमाशबीन बनकर खड़े रहे। मछली तिराहे पर बने गड्ढे को पाटने का काम जो रात में करना चाहिए था, वहां दिन में जेसीबी से मिट्टी डलवाने के कारण जाम लग गया। यह गड्ढा शाम होते-होते और खतरनाक हो गया, क्योंकि मिट्टी दलदल में तब्दील हो गई। इस दलदल में दोपहर बाद फंसा एक ट्रक रात तक नहीं हटाया जा सका।

बोर्ड की बैठक में हंगामा करके अखबारों की सुर्खियां बनने वाले पार्षद अब कहीं नजर नहीं आ रहे और न ही इस समस्या पर अपनी चुप्पी तोड़ रहे। यही हाल मेयर का भी है। नगर विकास मंत्री जब निरीक्षण के लिए आते हैं तो उनको मौखिक रूप से समस्याएं तोे बता देती हैं, लेकिन इन इलाकों में कभी झांकने तक नहीं जातीं। उनका कहना है कि अव्यवस्थाओं का जिम्मेदार एडीए है।

सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर सड़कें दुरुस्त कराने और काम समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुल्दाबाद, लूकरगंज समेत अन्य ज्यादा परेशानी वाले इलाकों में स्थिति सामान्य कैसे हो, इस बारे में ठोस निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है।
-सुहास एलवाई, जिलाधिकारी

एडीए जहां काम करा रहा है, वहां गति तेज है। इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि लोगों को दिक्कत न हो। लूकरगंज, खुल्दाबाद इलाके में सड़क रेस्टोरेशन के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को कहा गया है। जल्द स्थिति ठीक होगी, नाली-पटरी का काम लगभग पूरा होने वाला है।
-भानुचंद्र गोस्वामी, उपाध्यक्ष एडीए

लूकरगंज, खुल्दाबाद सहित अन्य परेशानी वालों में धंसी सड़कों पर 24 घंटे के अंदर काम कराया जाएगा। लूकरगंज, खुल्दाबाद में ऊबड़खाबड़ सड़कें ठीक कर गिट्टियां डालकर गड्ढे 24 घंटे के भीतर पाटे जाएंगे। इस बारे में कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं।
-जीसी दुबे, मुख्य अभियंता जलनिगम

खुल्दाबाद, लूकरगंज इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन से वाहनों का दबाव बढ़ा है। यातायात नियंत्रण के लिए ट्रैफिक सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। यदि लोगों को परेशानी हो रही है तो जांच कराएंगे। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- कुलदीप सिंह, एसपी ट्रैफिक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें