क्षेत्र में बदलते मौसम के मिजाज का असर अब आम की फसलों पर दिखाई देने लगा है। बीते कुछ दिनों से कभी तेज धूप तो कभी बादल और हल्की बूंदाबांदी के कारण आम के बागानों में लगे बौर और छोटे फलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
क्षेत्र के किसान नाईम व मुनीष का कहना है कि इस बार मौसम का लगातार बदलना फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। तेज हवा चलने से बौर झड़ का डर बना हुआ है, नमी बढ़ने से कीट और रोगों का खतरा भी बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि आम की अच्छी पैदावार के लिए इस समय हल्की गर्मी और स्थिर मौसम की जरूरत होती है। जबकि इन दिनों ठंडी हवाओं से बौर झड़ने की समस्या बढ़ रही है। इससे फलों की संख्या कम होने की आशंका है। कई किसानों ने बागानों में दवा का छिड़काव भी शुरू कर दिया है ताकि फसल को कीट और रोगों से बचाया जा सके। कृषि विशेषज्ञ संदीप पटेल बताते है कि मौसम में हो रहे बदलाव का असर आम समेत अन्य फसलों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को समय-समय पर बागानों की देखभाल करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग की सलाह लेकर दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।