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Prayagraj News: मुकदमों की लिस्टिंग व्यवस्था में बदलाव, असमंजस में अधिवक्ता

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमों की लिस्टिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था सोमवार से प्रभावी होगी। अधिवक्ताओं को भी इसकी जानकारी तब हुई, जबकि सोमवार को लगे मुकदमों से संबंधित संदेश आए। बदलाव को लेकर फिलहाल अधिवक्ताओं में असमंजस की स्थित है। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को विश्वास में लिए लिस्टिंग व्यवस्था में बदलाव उचित नहीं है।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि अभी तक एक से 2999 तक फ्रेश केस, तीन हजार से आठ हजार तक अनलिस्टेड केस और प्रकीर्ण आवेदन आठ हजार कोड के साथ सूचीबद्ध होते थे। अब नई व्यवस्था में फ्रेश व अनलिस्टेड समझ ही नहीं आ रहा। उन्होंने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव से मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। अधिवक्ता जगदीश सिंह बुंदेला, अभिषेक कुमार सरोज सहित अन्य का कहना है कि लिस्टिंग में बदलाव की व्यवस्था के लिए पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में अधिवक्ता अपने मुकदमों की लिस्टिंग को लेकर परेशान हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमों की लिस्टिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब काॅजलिस्ट में दिनभर के सभी मुकदमे एक सीरियल में होंगे। ऐसे में अधिवक्ताओं को यह जानने में दिक्कत होगी कि कोर्ट में फ्रेश मुकदमा चल रहा है या अनलिस्टेड। बार को बिना विश्वास में लिए यह बदलाव किया गया है। इस संबंध में कार्यकारिणी की बैठक बुलाकार आगे की रणनीति तय की जाएगी- विक्रांत पांडेय, महासचिव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन
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