सभी सातो शो में विद्यार्थियों की संख्या रही ज्यादा
पॉवर प्वाइंट से बताई गई चंद्रयान की कार्यप्रणाली
प्रयागराज। संपर्क टूटने के कारण भले ही चंद्रयान अभियान को फिलहाल सफलता नहीं मिल पाई लेकिन इस बारे में लोगों, खासकर विद्यार्थियों में ज्यादा से ज्यादा जानने की उत्सुकता बनी रही। जवाहर प्लेनेटेरियम के सभी सातों शो में विद्यार्थियों की संख्या ही ज्यादा रही। इस दौरान प्लेनेटेरियम में भीतर का मुख्य शो भले ही चंद्रयान पर न होकर तारों तथा नक्षत्रों की दुनिया पर ही आधारित था, लेकिन नक्षत्र गैलरी में चंद्रयान से ही जुड़ी जानकारियां दी गईं।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में जवाहर बाल भवन के प्रशासक डॉ.रविकिरन ने बताया कि जिज्ञासुओं को स्लाइड शो के माध्यम से चंद्रयान से जुड़े आर्बिटर, लैंडर, विक्रम, प्रज्ञान की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। चंद्रयान को कुल चौदह प्रयोग करने थे। संपर्क टूटने से भले ही अभियान कुछ समय के लिए स्थगित हो गया हो लेकिन इसमें हम तकरीबन 95 प्रतिशत तक कामयाब रहे। खास यह कि अभियान में महिला वैज्ञानिकों की संख्या ज्यादा रही।