मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी को अपने बयानों से कटघरे में खड़ा करने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू पर उनके विवि के ही एक प्रोफेसर डॉ. डीसी लाल ने हिटलरशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कुलपति पर शिक्षकों को अपमानित करने का आरोप लगाने के साथ अध्यापक संघ पर कुलपति के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर में कुलपति को किससे डर है जो वह आगे-पीछे कमांडो के घेरे में चल रहे हैं।
शारीरिक शिक्षा विभाग केपूर्व अध्यक्ष प्रो. डीसी लाल जो इलाहाबाद विवि अध्यापक संघ के कोषाध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया है कि कुलपति ने अध्यापक संघ की ओर से आयोजित ‘कुलपति संवाद’ में शिक्षकों को नकारात्मक सोच वाला बीमार बताया। इसके बाद भी अध्यापक संघ हिटलर कुलपति को फूलों से सम्मानित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुलपति कई बार वरिष्ठ शिक्षकों को अपमानित कर चुके हैं। उन्होंने एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज में तैनात रही डॉ. विमला व्यास के बारे में नकारात्मक टिप्पणी की और कहा कि आधे सेकेंड में उनकी सेलरी रोक दी। उन्होंने कहा कि इससे कुलपति की हिटलरी और तानाशाही का पता चलता है।
उन्होेंने शिक्षकों के विज्ञापन में भी कुलपति की ओर से घालमेल करने का आरोप लगाया है। डॉ. लाल ने कहा कि अध्यापक संघ ने हमेशा से छात्रसंघ एवं कर्मचारी संघ का साथ दिया है। छात्रसंघ विवि के छात्रों की प्रतिनिधि संस्था है। लाखों छात्रों के प्रतिनिधि स्थानीय सांसद ही हैं, सांसदों के द्वारा बनाए अधिनियम से ही इलाहाबाद विवि एवं सभी केंद्रीय विवि की स्थापना हुई है। सांसदों की ओर से छात्रों की भूख हड़ताल में हस्तक्षेप किसी भी लिहाज से गलत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति को पता है कि ऑफलाइन से कैसे भ्रष्टाचार होता है, इसीलिए उन्होंने शिक्षक भर्ती ऑफलाइन कराने की व्यवस्था की है।