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आयकर कर्मी का शांतिभंग में चालान

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प्रयागराज। प्रयागराज की पुलिस का भी कोई जवाब नहीं है। उसने सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो रहे धरना प्रदर्शन में एक आयकर अधिकारी का आईपीसी की धारा 149 के तहत नोटिस भेजा है। इस पर आयकर अधिकारी के होश उड़ गए। इस संबंध में उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट और थानाध्यक्ष करेली को पत्र लिखकर नाम हटाने की मांग की है।
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आयकर अधिकारी सर्चिल कुमार ने नोटिस में कहा, ‘वह आयकर विभाग में आयकर अधिकारी (मुख्य) प्रशासनिक कार्यालय प्रधान आयकर आयुक्त इलाहाबाद के पद पर तैनात हैं। मंसूर अली पार्क में 12 जनवरी से सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन हो रहा है। उससे उनका कोई संबंध नहीं है, ना ही वह धरना प्रदर्शन में शामिल हुए और ना ही किसी प्रदर्शनकारी का सहयोग किया। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार के अधीन एक जिम्मेदार पद पर नियुक्त हैं एवं केंद्र सरकार द्वारा लागू केंद्रीय सेवा आचरण नियमावली का पालन करते हैं। केंद्र सरकार का एक जिम्मेदार अधिकारी होने के कारण यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उक्त धरना प्रदर्शन से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। उनका नाम किसी साजिश वश सूची में डाला गया है।
ऐसा कर उन्हें उलझाने व फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि गलत एवं तथ्य से परे है। लिहाजा उनका नाम सरकार बनाम मो. अनीस खां आदि की सूची से हटाया जाए’। आयकर अधिकारी ने बताया कि थानाध्यक्ष ने उनसे कहा है कि उनका नाम काट दिया जाएगा। इस बारे में जब करेली इंस्पेक्टर से बात की गई तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। पहले तो वह कहते रहे कि उन्हें 107/16 के तहत पाबंद किया गया है और इसी संबंध में नोटिस भेजा गया है। फिर नोटिस में मंसूर अली पार्क धरने का जिक्र होने के सवाल पर उन्होंने बात बदल दी। कहा कि धरने के संबंध में शांति बनाए रखने के लिए उनसे सहयोग मांगा गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब आयकर अधिकारी धरने में शामिल ही नहीं हुए तो उनसे किस तरह का सहयोग पुलिस चाहती है।
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