अखिल भोजपुरिया समाज की ओर से शुक्रवार को नहाय-खाय के मौके पर प्रीतमनगर दुर्गा पूजा पार्क में शब्दरंगों और विभूतियों के सम्मान से छठ की कई छवियां निखरीं। सुपरिचित भोजपुरी गायकों ने छठ के गीतों से शाम सजाई। सुपरिचित गायक गोपाल राय ने ‘कांच ही बांस के बहँगिया, जोड़ा कल सुपवा लिहले वरती पुकारे, कोपि कोपि बोलेली छठीय माई जैसे गीतों से समां बांधा।
इसी क्रम में सुपरिचित गायिका प्रियंका ‘पायल’ ने ‘अपने पेन्हब पियरी, आ सइयां जी के पियरी पेन्हाइब हो, लड़े गइल बाड़े बार्डर पे सईया, सहाया छठी मैया होइह हो’ और सुपरिचित गायक राजेश निराला ने ‘सुपली में नरियर नीमुवा सेउवा,छठी माई दिहले बाड़ी गोदी में लालनवा’ जैसे गीतों से भावविभोर किया। इसी क्रम में प्रस्तुतकर्ता विजय बहादुर सिंह ने भी छठ के गीत सुनाए। भोजपुरिया समाज की ओर से फरमाइशी गीतों का सिलसिला भी देर तक चलता रहा। स्थानीय कलाकारों ने भी बहुरंगी सांस्कृतिक-सांगीतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधा।
आरंभ में वंदना और आरती उतारी गई। सच्चा बाबा आश्रम के महंत गोपाल जी महाराज ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। परी अखाड़े की प्रमुख त्रिकाल भवंता बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थीं। अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने संयोजन, संतोष तिवारी ने स्वागत और पंकज पाठक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रिज़वान नींवा प्रमुख सहयोगी थे। महोत्सव में अम्माद हसन, राजेश कुमार सिंह, अख़लाक अहमद, वीरेंद्र तिवारी, चन्द्रशेखर ओझा, शशिभूषण राय, राजेश सिंह, नीरज चतुर्वेदी, बृजेश सिंह, प्रद्युम्न यादव, फरहान, त्रिलोकी यादव,आनंद साहू,सतीश पासी,सलमान, राजू आदि व्यवस्था में जुटे।