महाशिवरात्रि के बाद मेले में स्थापित 25-25 बेड के दो उपकेंद्रीय चिकित्सालय, 20-20 बेड के आठ सेक्टर अस्पताल और 10 प्राथमिक उपचार केंद्रों को समेटने का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन सेक्टर-दो स्थित 100 बेड का केंद्रीय चिकित्सालय पांच मार्च तक स्वास्थ्य सेवाएं देता रहेगा।
जर्मन हैंगर की तर्ज पर तैयार केंद्रीय चिकित्सालय का ढांचा किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं होगा। इसके अलावा मेले के अस्पताल के बेड व उपकरण को ही आवश्यकता पड़ने पर जिला चिकित्सालय, मंडलीय चिकित्सालय, प्राथमिक उपचार केंद्र, सामुदायिक उपचार केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर या फिर किसी अन्य मंडल के अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाएगा।
इसका निर्णय जिलाधिकारी, मेलाधिकारी और अपर निदेशक स्वास्थ्य की सहमति से होगा। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीके मिश्रा ने बताया, अस्पताल के बेड व उपकरण को आवश्यकता के आधार पर दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा। केंद्रीय चिकित्सालय का ढांचा जर्मन हैंगर पद्धति से तैयार किया गया है। यह अस्थायी है। ऐसे में इस स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं है।