पांच साल पहले मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय परिसर (कॉल्विन) में कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण किया गया। तब लगा कि हृदय रोगियों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी। लेकिन, पांच साल बीतने को है अब तक वार्ड में न तो डॉक्टरों की नियुक्ति हुई न ही स्वास्थ्य कर्मियों की। मानों, महकमा इनकी भर्ती करना ही भूल गया हो। वार्ड भी स्टोर रूम में तब्दील हो गया है। वहीं, अस्पताल में पिछले पांच साल से कार्डियोलॉजिस्ट का पद भी रिक्त है।
2019 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से अस्पताल परिसर में 10 बेड के सीसीयू वार्ड का निर्माण किया गया था। इसके बाद कॉल्विन अस्पताल प्रशासन ने एनएचएम को पत्र लिखकर वार्ड के लिए डॉक्टरों समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की मांग की। आठ से दस पत्र अस्पताल प्रशासन की तरफ से शासन को लिखा गया, लेकिन नियुक्ति आज तक अधर में है। वहीं, 2019 अस्पताल में तैनात एक मात्र हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश श्रीवास्तव का ट्रांसफर हो गया। तब से यह पद खाली है।
2023 में यहां मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की तरफ से सीसीयू वार्ड के लिए 10 हाइड्रोलिक बेड भेजे गए, मगर स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती नहीं होने से वार्ड शुरू नहीं हो सका। वर्तमान में यहां पर खाली बेड और स्कूटर को पार्क किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की होनी है भर्ती
सीसीयू वार्ड में दो हृदय रोग विशेषज्ञ, चार स्टाफ नर्स, दो फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय की भर्ती होनी थी। करीब पांच साल बाद भी इन स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती एनएचएम नहीं कर सका।
एसआरएन के हृदय रोग विभाग हैं, 37 बेड
एसआरएन अस्पताल के सीसीयू वार्ड में कुल 37 बेड हैं। इसमें 19 आईसीयू, छह पुरुष, छह महिला और तीन-तीन बेड के दो प्राइवेट वार्ड हैं। यहां के बेड हमेशा फुल रहते हैं। जिसकी वजह से लोगों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है।
वर्जन
कर्मचारियों के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जैसे ही स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति होती है, सीसीयू वार्ड को शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा मैं जल्दी ही हॉस्पिटल के सीसीयू वार्ड का निरीक्षण भी करूंगा। - डॉ. राकेश शर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य।