केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस बार भी दसवीं एवं बारहवीं के छात्र-छात्राओं के अंकपत्र सह प्रमाण पत्र, माइग्रेशन प्रमाण पत्र डिजिटल लॉकर के जरिए उपलब्ध कराएगा। कोरोना संक्रमण के चलते परेशान छात्रों एवं अभिभावकों को अंकपत्र, प्रमाण पत्र के लिए स्कूल नहीं जाना पड़ेगा। इससे स्कूल एवं छात्रों की परेशानी कम होगी। छात्र-छात्राएं आधार, बोर्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा फेस मैचिंग तकनीक के जरिए डिजिटल लॉकर का प्रयोग कर सकेंगे।
2004 से अब तक के प्रमाण पत्र डिजिटल लॉकर में हैं सुरक्षित
- सीबीएसई की ओर से दसवीं के परीक्षार्थियों का रिजल्ट तो इंटरनल असेसमेंट के आधार पर जारी किया जाएगा जबकि बारहवीं की परीक्षा पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है। बोर्ड की परीक्षा पर निर्णय से पहले 2021 के छात्रों के अंकपत्र, प्रमाण पत्र एवं माइग्रेशन प्रमाण पत्र के साथ दूसरे प्रमाण पत्र डिजिटल लॉकर से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ सीबीएसई 2004 से लेकर 2020 तक के दसवीं एवं बारहवीं के 12 करोड़ छात्रों के दसवीं, बारहवीं के पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन एवं अंकपत्र डिजिटल प्रारूप में डिजिटल लॉकर में सुरक्षित हैं।
फोटो मिलान करके जारी होगा प्रमाण पत्र
सीबीएसई छात्रों ने छात्रों की ओर से पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार नंबर के जरिए डिजिटल लाकर के प्रयोग की सुविधा दी है। बोर्ड की ओर से फेस मैचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसमें छात्रों को एक फोटो क्लिक करना होगा, क्लिक फोटो का दसवीं और बारहवीं के ऑनलाइन फार्म की फोटो मिलान होगा। फोटो के मिलान होने के बाद छात्र-छात्राएं डिजिटल लॉकर से प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।