केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने लर्निंग स्किल बढ़ाने के लिए अब पहली से दसवीं तक के बच्चों को कला आधारित प्रोजेक्ट तैयार करना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले के तहत चालू शैक्षिक सत्र में हर विषय में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट तैयार करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट का मकसद स्टूडेंट्स के सीखने की क्षमता को और ज्यादा आनंदपूर्ण बनाना है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद सीबीएसई ने पहली से दसवीं तक छात्रों के लिए नई व्यवस्था कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शामिल कर लिया है। पाठ्यक्रम किया अपडेट 0 पहली से लेकर दसवीं तक के बच्चों को चालू शैक्षिक सत्र से हर विषय में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य रूप से करना होगा।
इसके साथ पहली से आठवीं तक के छात्रों को भी नए शैक्षिक सत्र में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूलों को लिखे पत्र में यह बात कही है।
इस अधिसूचना के साथ ही अब पहली से दसवीं तक के लिए सीबीएसई का पाठ्यक्रम भी अपडेट हो गया है। सीबीएसई की ओर से बच्चों का लर्निंग स्किल बढ़ाने के लिए की गई इस सकारात्मक पहल का पतंजलि ऋषिकुल के प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस बदलाव से लॉकडाउन घर बैठे बच्चे कुछ नया करने के लिए क्रियाशील रहेंगे।