फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई भी करेगी प्रिंटिंग प्रेस की जांच

विज्ञापन
CBI to investigate printing press
विज्ञापन
सभी केंद्र
विज्ञापन

00000000000000000
सीबीआई ने भी शुरू की प्रिंटिंग प्रेस की जांच
0 सीबीआई जांच के दायरे में आ रहीं परीक्षाओं के पेपर भी दागी प्रिंटिंग प्रेस में छपे
0 पीसीएस-2015, आरओ/एआरओ-2016 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर हुआ था आउट
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर आउट मामले में एसटीएफ के शिकंजे में आई प्रिंटिंग प्रेस की जांच सीबीआई ने भी शुरू कर दी है। सीबीआई को शिकायत मिली है कि वह जिस कार्यकाल में आयोजित परीक्षाओं की जांच कर रही है, उसमें से कई परीक्षाओं के पेपर उसी प्रिंटिंग प्रेस में छपे थे, जहां एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर छापे गए थे।
सीबीआई उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से मार्च 2012 से अप्रैल 2017 तक आयोजित परीक्षाओं की जांच कर रही है। सीबीआई को कुछ दिनों पहले शिकायत मिली कि जिस प्रिंटिंग प्रेस में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर छपे थे, उसी प्रेस में मार्च 2012 से अप्रैल 2017 के बीच आयोजित कई परीक्षाओं के पेपर छापे गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पीसीएस-2015 और आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट हो गया था और पूरी आशंका है कि इन दोनों परीक्षाओं के पेपर दागी प्रिंटिंग प्रेस में ही छपवाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। वहीं, एसटीएफ पहले से ही मामले में जांच कर रही है और प्रिंटिंग के प्रेस के मालिक को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। उसके पास पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के पेपर भी पाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब जांच कर रही है कि मार्च 2012 से अप्रैल 2017 के बीच किन-किन परीक्षाओं के पेपर इस प्रिंटिंग प्रेस में छपवाए गए और इनमें से किन परीक्षाओं के पेपर आउट होने की शिकायतें आईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें