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प्रयागराज में पूर्व एडीएम के आवास पर सीबीआई का छापा

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CBI raid at former ADM residence in Prayagraj
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पूर्व एडीएम के आवास पर सीबीआई का छापा
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0 आजमगढ़ में हैं सीडीओ, खनन मामले की जांच कर रही टीम की कई अन्य अफसरों के घर पर भी दस्तक
0 प्रापर्टी तथा कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त, अफसरों ने साधी चुप्पी
प्रयागराज। खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने बुधवार को प्रयागराज में भी छापेमारी की। सीबीआई ने शहर में एक पूर्व एडीएम के आवास से कई अहम दस्तावेज तथा प्रापर्टी के कागजात जब्त किए। इसके अलावा भी तीन स्थानों पर छापेमारी की।
आजमगढ़ में सीडीओ डीएस उपाध्याय के यहां सीबीआई ने बुधवार को छापेमारी की। वहां से लाखाें रुपये नकद मिले हैं। सीबीआई की टीम ने यहां दरभंगा में उनके आवास को भी खंगाला। डीएस उपाध्याय यहां एडीएम तथा विकास प्राधिकरण के सचिव के पद पर रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि सीबीआई की छह सदस्यीय टीम यहां मंगलवार को ही पहुंच गई थी। सदस्य नैनी स्थित एक शिक्षण संस्थान के गेस्ट हाउस में रुके थे। दिन में डीएस उपाध्याय के घर पर पहुंची टीम दो घंटे से भी अधिक समय तक वहां रही। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले। सदस्याें ने नैनी में बालू के एक बड़े व्यापारी के यहां भी छापेमारी की। इसके अलावा सीबीआई ने तेलियरगंज के अपट्रॉन चौराहा तथा सिविल लाइंस में भी अफसरों के आवास की जांच की। दोनों अफसर पूर्व में यहां खनन विभाग में तैनात रहे हैं। सीबीआई की पूरी कार्रवाई को लेकर दिन भर हड़कंप मचा रहा।
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सीबीआई की मौजूदगी से अफसरों, खनन विभाग में हड़कंप
0 सीबीआई की मौजूदगी तथा कार्रवाई से खनन विभाग, अफसरों तथा बालू माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। प्रयागराज में बालू के अवैध खनन की शिकायत लगातार मिलती रही है। इसके मद्देनजर पूर्व में खनन पर रोक भी लगा दी गई थी। शिकायत पर एक बार फिर खनन पर रोक लगा दी गई है। वरिष्ठ खान अधिकारी समेत तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में सीबीआई की कार्रवाई से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। कई बालू माफिया तो भूमिगत हो गए हैं। उनके मोबाइल भी ऑफ हो गए हैं।
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पूरी तरह से गोपनीय रही सीबीआई की कार्रवाई
0 सीबीआई की कार्रवाई पूरी तरह से गोपनीय रही। यहां तक कि वरिष्ठ अफसरों को भी इसकी भनक नहीं लगी। सीबीआई की टीम नैनी में रही, उन्हें सुरक्षा कर्मी भी उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। सीबीआई के साथ तैनात सुरक्षा कर्मियों के मोबाइल भी ऑफ करा दिए गए थे। डीएम तथा अन्य वरिष्ठ भी जिले में सीबीआई की मौजूदगी की पुष्टि करने से बचते रहे।
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