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भर्ती परीक्षा: मंत्रालय में शिकायत के बाद तेज हुई सीबीआई जांच

Thu, 18 Jun 2020 07:50 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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UPPSC pcs 2017 result - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच ने अचानक तेजी आ गई है। कुछ दिनों पहले ही जांच में देरी की शिकायत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की गई थी और मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को पत्र जारी किया था।

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मंत्रालय में शिकायत के बाद सीबीआई ने चार परीक्षाओं के मामले में प्राथमिक जांच (पीई) दर्ज कर ली और अब इन परीक्षाओं से जुड़े संदिग्ध चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ के लिए उन्हें नोटिस जारी किए जाने की तैयारी चल रही है।

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एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर सीबीआई जांच में हो रही देरी की शिकायत की थी और सीबीआई की ओर से अब तक हुई कार्रवाई के बारे में मंत्रालय से जानकारी मांगी थी, जिसके बाद मंत्रालय ने डीओपीटी को पत्र जारी किया था और एमएलसी से कहा था कि सीबीआई जांच के बारे में डीओपीटी की ओर से आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

इसके बाद सीबीआई ने अचानक यूपीपीएससी की चार परीक्षाओं के मामले में पीई दर्ज कर ली। सीबीआई की ओर से पीई तब दर्ज की जाती है, जब उसे परीक्षाओं में गड़बड़ी के सुबूत मिलते हैं। सीबीआई ने पीसीएस जे-2013, आरओ/एआरओ-2013 और लोअर सबऑर्डिनेट-2013 के मामले में पीई दर्ज की है। साथ ही मेडिकल अफसर की सीधी भर्ती के मामले में भी पीई दर्ज की गई है।

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सूत्रों के मुताबिक इन सभी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के साक्ष्य सीबीआई को पहले ही मिल चुके थे। जांच में देरी की शिकायत मंत्रालय तक पहुंचने के बाद सीबीआई ने चारों परीक्षाओं के मामले में पीई दर्ज कर जांच तेज कर दी है। सूत्रों का कहना है कि इन चारों परीक्षाओं के संदिग्ध चयनितों से पूछताछ की तैयारी चली है और उन्हें नोटिस जारी किया जा सकता है।
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यूपीपीएससी - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही परीक्षाओं से जुड़े अफसरों एवं कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। साथ ही सीबीआई की ओर से इन परीक्षाओं में धांधली को लेकर जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। गौरतलब है कि इससे पूर्व सीबीआई ने पीसीएस-2015 और एपीएस-2010 में धांधली के मामले में पीई दर्ज की थी और बाद में पीसीएस-2015 के मामले में सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया था लेकिन अब तक किसी के खिलाफ सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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