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सीबीआई को जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई का निर्देश

Tue, 13 Sep 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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अवैध बालू खनन में अधिकारियों और खनन माफियाओं के गठजोड़ की सीबीआई रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने एजेंसी को आगे कार्रवाई करने तथा जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी ने फिलहाल सिर्फ एक जिले की रिपोर्ट दाखिल की है। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि सीबीआई को पूरे प्रदेश में अवैध खनन की जांच करने के लिए कहा गया था मगर रिपोर्ट सिर्फ एक जिले की ही दाखिल की गई। रिपोर्ट में अधिकारियों और माफियाओं की साठगांठ के संकेत भी मिले हैं।
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अमर सिंह और अन्य दर्जनों याचिकाओं पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि सीबीआई ने रिपोर्ट तो दाखिल की है मगर इस बारे में आगे की कार्रवाई का कोई जिक्र नहीं है। कोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता से पूछा कि यह क्यों नहीं बताया गया कि इस रिपोर्ट के अनुसार आगे क्या कदम उठाने हैं। अगली तारीख पर सीबीआई को यह बताने के लिए कहा है कि वह इस मामले में आगे क्या करना चाहती है। यदि एजेंसी को कोई कार्रवाई करनी है तो कोर्ट के समक्ष अर्जी प्रस्तुत कर उसकी अनुमति मांगनी चाहिए थी।
सीबीआई के वकील अमित मिश्र ने कहा कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को दी गई है, इसलिए उनको नहीं पता कि रिपोर्ट क्या है। जानकारी जुटाने के लिए उन्होंने समय की मांग की। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि सात अक्तूबर नियत की है।
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समय आने पर बताएंगे रिपोर्ट में क्या है
सीबीआई की जांच रिपोर्ट में क्या है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है, महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने अदालत से जानना चाहा कि सीबीआई ने क्या रिपोर्ट दी है क्या सरकार जान सकती है। इस पर अदालत ने जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि उचित समय पर वह बताएंगे कि रिपोर्ट में क्या है।

वैध पट्टों पर भी हो रही कार्रवाई
सुनवाई के दौरान कई पट्टाधारकों की ओर से कोर्ट में अर्जी प्रस्तुत कर कहा गया कि हाईकोर्ट द्वारा खनन पर लगाई गई रोक की आड़ में प्रशासनिक अधिकारी उन पट्टाधारकों को भी खनन नहीं करने दे रहे हैं, जिनके पास वैध पट्टा और नियमानुसार खनन की अनुमति प्राप्त है। प्रशासन ने उन्हें भी नोटिस दिया है। मांग की गई कि वैध पट्टाधारकों को खनन की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने कहा कि यदि उनको नोटिस दिया गया है तो वह उसे अदालत के समक्ष चुनौती दे सकते हैं।
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